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देश के 12 राज्यों, तीन प्रमुख महानगरों और 20 से अधिक प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी
श्रीनगर, एशिया की सबसे लंबी अल्ट्रा-साइकिलिंग रेस का जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल ने बुधवार को शुभारंभ किया। यह रेस श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण भारत के अंतिम सिरे कन्याकुमारी में जाकर समाप्त होगी। यह रेस अब तक की सबसे लम्बी 3651 किलोमीटर की है, जो 12 राज्यों, तीन प्रमुख महानगरों और 20 से अधिक प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी।
जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के परियोजना निदेशक जीतेंद्र नायक ने बताया कि अब तक भारत में केवल 1000 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की जाती थी, जो सबसे लंबी दौड़ थी। भारत के सभी अल्ट्रा-साइकिल चालकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के इस अल्ट्रा साइकिलिंग इवेंट में भाग लेने का अवसर दिया गया है। इस साइकिल रेस को वर्ल्ड अल्ट्रा साइक्लिंग एसोसिएशन, यूएसए से मान्यता मिली है। इसे एशियन अल्ट्रा साइक्लिंग चौंपियनशिप और वर्ल्ड अल्ट्रा साइक्लिंग चौंपियनशिप के रूप में घोषित किया गया है। प्रतिभागियों को क्रमशः 12 दिन, 10 दिन और 8 दिन के कट-ऑफ समय के साथ सोलो, दो और चार की टीम में पेडलिंग करनी होगी।
खेल परिषद के संयुक्त सचिव बशीर अहमद भट ने कहा कि सुरक्षा और सहायता टीमों सहित सुरक्षित और सफल आयोजन के लिए प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी सवारों को उनके संबंधित चालक दल के सदस्यों द्वारा समर्थन दिया जाएगा। सोलो राइडर्स में डॉ. अमृत समर्थ, साहिल सचदेवा, सुमेर बंसल, धीरज कलसैत, शुभम दास, महेश किनी, अतुल कडू, विक्रम उनियाल, मनीष सैनी, इंद्रजीत वर्धन, गीता राव और अमीबा रवींद्र रेड्डी शामिल हैं। टीमों में महा साइकिलिंग दस्ते, महाराष्ट्र पुलिस, एडीसीए और अमरावती राइडर्स शामिल हैं। बशीर अहमद भट ने कहा कि दौड़ का उद्देश्य साइकिलिंग कल्चर को विकसित करना और साइकिलिंग को एक खेल के रूप में अपनाना है।
साभार -हिस
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