तेजपुर (असम), अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग में दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलिकॉप्टर के पायलट सहित पांचों सैन्य कर्मियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। शहीद सैन्य कर्मियों की पहचान मेजर विकास वांम्बू, मेजर मुस्तफा बोहारा, सीएफएन टेक्नीशियन एविएशन (एईएन) अश्विन केवी, एचएवी (एपीआर) बीरेश सिन्हा और एनके (एपीआर) रोहिताश कुमार के रूप में हुई है।
शनिवार को शोणितपुर जिला मुख्यालय शहर तेजपुर में भारतीय सेना के जनसंपर्क अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी पांचों शव अरुणाचल प्रदेश के लिकाबाली (असम की सीमा से लगे) के घने वन क्षेत्र से बरामद किए गए हैं, जहां आर्मी एविएशन एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (वेपन सिस्टम इंटीग्रेटेड) संख्या 043 एच दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में टुटिंग के दक्षिण में मिगिंग पहाड़ियों में आंतरिक गड़बड़ी के कारण हेलिकॉप्टर शुक्रवार सुबह 10 बजकर 43 मिनट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे के वक्त हेलिकॉप्टर में वायुसेना के पांच अधिकारी सवार थे। घटना के बाद तलाशी अभियान में चार शव बरामद किए गए, लेकिन एक का पता नहीं चल सका था। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि आखिरकार पांचवां शव भी बरामद कर लिया गया।
इस बीच, भारतीय सेना के एक अन्य सूत्र ने कहा कि उड़ान अभियान के लिए कल मौसम अच्छा था। पायलटों के पास एएलएच-डब्ल्यूएसआई में 600 घंटे से अधिक संयुक्त उड़ान का अनुभव था और उनमें से एक के पास 1,800 घंटे से अधिक उड़ान सेवा का अनुभव था। हेलिकॉप्टर को जून 2015 में सेवा में शामिल किया गया था। दुर्घटना की तुरंत जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है। भारतीय सेना ने शहीद सैन्यकर्मियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवारों के साथ हर समय खड़ा होने का आश्वासन दिया है।
ज्ञात हो कि इससे पहले 5 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके के पास भारतीय सेना का एक चीता हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था। जिसमें पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ यादव की जान चली गई थी।
साभार-हिस
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
