मुंबई, भारतीय सेना देश के सामने अपनी उपलब्धियों की नई मिसाल पेश करने जा रही है। भोपाल-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर टूटे हुए पुल के बदले में नया पुल बनाने की कमान भारतीय नौसेना ने संभाल ली है, जिससे जल्द यातायात बहाल हो जाएगा।
भोपाल-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नर्मदापुरम के पास सुखतावा नदी पर बना 145 साल पुराना पुल भारी वाहन यातायात के कारण अप्रैल 2022 में ढह गया था। उसके बाद राज्य प्रशासन ने पुल के निर्माण और यातायात को बहाल करने के लिए सेना से मदद मांगी थी। दक्षिणी कमान के सुदर्शन चक्र कोर के भारतीय सेना के इंजीनियरों ने भारी बारिश के बीच नर्मदापुरम के पास भोपाल-नागपुर एनएच-46 पर सुखतावा नदी पर 90 फुट बेली ब्रिज का निर्माण 26 अगस्त से शुरू कर दिया है। इस बीच सुखतावा नदी पर भारी यातायात को बनाए रखने के लिए बनाया गया एक दूसरा मार्ग भी भारी बारिश के कारण कई बार जलमग्न होने से कट गया है।
भारतीय सेना के अनुसार पिछले तीन महीनों में सबसे बेहतर ब्रिगेड के इंजीनियर रेजिमेंट ने मध्य प्रदेश के अधिकारियों और एनएचएआई के साथ मिलकर पुल के शीघ्र निर्माण के लिए युद्धस्तर पर काम किया। तीन महीने की छोटी अवधि के भीतर, अत्यावश्यकता और उपयुक्त नागरिक सैन्य समन्वय को प्रदर्शित करते हुए, एनएचएआई द्वारा एक भारी भार वर्ग 90 फुट लंबा बेली ब्रिज प्रदान किया गया था, जिसे अब भारतीय सेना के इंजीनियरों द्वारा बनाया जा रहा है।
इस पुल के निर्माण से भोपाल को महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर से बैतूल के माध्यम से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण एनएच-46 पर संपर्क बहाल हो जाएगा। पुल का निर्माण महत्वपूर्ण सामानों की आवाजाही के लिए एक वरदान होगा। इससे आसपास के कस्बों और गांवों से स्थानीय लोगों और नागरिकों की तेजी से आवाजाही की सुविधा होगी। इससे बीते कुछ महीनों में होनेवाली भीड़ और देरी को कम किया जा सकेगा।
साभार-हिस
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
