धौलपुर, राजस्थान के कोटा और हाडौती अंचल में हो रही तेज बरसात तथा कोटा बैराज से पानी की निकासी के चलते धौलपुर में चंबल नदी अपने रौद्र रूप में आ गई है। चंबल के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से धौलपुर जिले के करीब सौ गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है।
बीते तीन दिन से धौलपुर में चंबल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। इस बार पिछले 26 साल का रिकार्ड टूट गया है। गुरुवार दोपहर दो बजे चंबल नदी का जलस्तर 146.35 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले चंबल नदी के जलस्तर का रिकार्ड 145.54 मीटर था, जिसे वर्ष 1996 में दर्ज किया गया था।
धौलपुर में चंबल नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से राजाखेडा, सरमथुरा, दिहौली, बाडी एवं धौलपुर इलाके में करीब सौ गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों तक चंबल का पानी पहुंचने से रास्ते कट गए हैं तथा ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ में सेना, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस एवं पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है।
डीएम अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को पानी, भोजन पैकेट एवं आवश्यक दवायें उपलब्ध करवाईं जा रहीं हैं। आमजन को आवश्यक दवा किट उपलब्ध करवाने, मच्छरों से बचने हेतु फॉगिंग करवाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था करवाने सहित पशुओं को टीकाकरण आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मथुरा से मेजर मोहित ढांढा की अगुवाई में राजाखेडा पंहुचीं सेना की 70 सदस्यीय टीम ने तीन नावों के साथ में राजाखेडा के महदपुरा इलाके में राहत एवं बचाव कार्य का काम संभाल रखा है। सेना द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाके में ड्रोन की मदद से भी निगरानी की जा रही है। बाढ़ बचाव के काम में एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम ने काम संभाल लिया है तथा ग्रामीणों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। चंबल के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी के बाद में चंबल नदी तट पर बना धौलपुर का मुक्तिधाम पानी में पूरी तरह से डूब गया है।
यह है चंबल के गेज का गणित
कोटा बैराज से निकासी के बाद में धौलपुर जिले में चंबल नदी उफान पर है तथा कई इलाकों में बाढ़ के हालात बने हैं। बीते तीन दिन से चंबल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। धौलपुर जिले में चंबल नदी का सामान्य जलस्तर 119.30 मीटर है जबकि खतरे का निशान 129.79 मीटर पर है। चंबल नदी में वर्ष 1996 में सर्वाधिक जलस्तर 145.54 मीटर दर्ज किया गया था। इस बार चंबल के जलस्तर से अपना 26 साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है तथा जलस्तर गुरुवार दोपहर दो बजे 146.35 मीटर तक पंहुच गया है।
साभार-हिस
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