नई दिल्ली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाने पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जिन लोगों ने विभाजन करते समय भारतवासियों की जान और सम्मान की परवाह नहीं की, उन्हें आज विभाजन की त्रासदी में अपना सब कुछ खो देने वाले लोगों को नमन करने से भी तकलीफ है।
केंद्रीय मंत्री प्रधान ने रविवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक परिवार की महत्वाकांक्षाओं को देश व जनता से ऊपर रखने वाली गुलाम मानसिकता ने आज भी कांग्रेस को जकड़ रखा है।
उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों का जीवन बर्बाद करने वाले विभाजन के दंश को दशकों तक ऐसे भुला दिया गया जैसे कुछ हुआ ही नहीं था। विभाजन विभीषिका दिवस उस दौर की स्मृति दिलाने के साथ देश को दोबारा ना तोड़ा जा सके, इसका प्रयास भी है, मगर कांग्रेस को ‘अखंड भारत’ ना तब रास आया था ना अब पसंद आ रहा है।
प्रधान ने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी एक ऐसे विराट व्यक्तित्व थे जिन्होंने देश के लिए सत्ता का भी त्याग कर दिया। एक ओर कांग्रेस और एक परिवार है जिन्होंने अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए देश को दांव पर लगा दिया। विभाजन विभीषिका का विरोध कांग्रेस के असली चेहरे को एक बार और उजागर करता है।
उल्लेखनीय है कि जयराम ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने के पीछे वास्तविक मंशा दर्दनाक ऐतिहासिक घटनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करना है।
साभार -हिस
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