नई दिल्ली, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मिशन वात्सल्य योजना के लिए विस्तृत दिशा- निर्देश जारी किया है। मिशन वात्सल्य का उद्देश्य भारत में प्रत्येक बच्चे के लिए एक स्वस्थ और खुशहाल बचपन को सुरक्षित करना है। इसके साथ बच्चों की क्षमता का पता लगाना एवं सक्षम बनाने के अवसर सुनिश्चित करना। उद्देश्यों में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के मैऩडेट को पूरा करने में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सहायता करना और एसडीजी लक्ष्यों को प्राप्त करना भी शामिल है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने योजना के कार्यान्वयन के लिए मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। मिशन वात्सल्य को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में केंद्र और राज्य, केंद्रशासित प्रदेश के सरकारों के बीच निर्धारित वित्तीय अनुपात के अनुसार लागू किया जाएगा।
मंत्रालय ने राज्य सरकारों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के वित्तीय मानदंडों के आधार पर मिशन वात्सल्य योजना के तहत वर्ष 2022-23 के लिए अपने वित्तीय प्रस्ताव और योजनाएं तैयार करने के लिए कहा है। मिशन वात्सल्य योजना के मानदंड 01 अप्रैल, 2022 से लागू होंगे।
मिशन वात्सल्य के तहत घटकों में शामिल हैं
सांविधिक निकायों के कामकाज में सुधार, सेवा वितरण संरचनाओं को सुदृढ़ बनाना, अपस्केल संस्थागत देखभाल/सेवाएं, गैर-संस्थागत समुदाय-आधारित देखभाल को प्रोत्साहित करें, आपातकालीन आउटरीच सेवाएं, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण।
साभार -हिस
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