मुंबई, महाराष्ट्र में बहुचर्चित वसूली मामले की जांच के लिए गठित चांदीवाल आयोग ने मंगलवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपनी 201 पन्नों की रिपोर्ट सौंप दी है। इस मौके पर गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल भी मौजूद थे। इस रिपोर्ट में पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को क्लीन चिट मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने मुंबई पुलिस आयुक्त पद से तबादला होने के बाद पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर प्रति माह 100 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूली का लक्ष्य देने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था। इसी वजह से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इन आरोपों की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश कैलाश चांदीवाल की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन 31 मार्च, 2021 को किया था। इस आयोग को 31 दिसंबर, 2021 तक जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया था। हालांकि, आयोग का कार्यकाल उसकी मांग के अनुसार बढ़ाया गया था। आयोग की रिपोर्ट राज्य सरकार जुलाई में विधानसभा में पेश करने वाली है।
सूत्रों के अनुसार इस आयोग के समक्ष पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने कहा था कि यह आरोप उन्होंने सुनी हुई जानकारी के आधार पर लगाया था। उनके पास पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के वसूली के कोई सबूत नहीं है। इसी वजह से अनिल देशमुख को क्लीन चिट मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
साभार-हिस
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