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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रॉयल इंडियन नेवी का टॉरपीडो ट्रेनिंग स्कूल था जहाज वलसुरा
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समुद्री हितों की रक्षा के लिए नौसेना ने मित्र देशों के साथ लगातार संबंध विकसित किये

नई दिल्ली, भारतीय नौसैनिक पोत आईएनएस वलसुरा को प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ दिया गया है। सैन्य बलों के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को जामनगर (गुजरात) में एक भव्य समारोह में यह सम्मान सौंपा। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना वर्षों से एक लड़ाकू तैयार, विश्वसनीय और एकजुट बल के रूप में उभरी है और हिंद महासागर क्षेत्र में ‘पसंदीदा सुरक्षा भागीदार’ है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना समुद्री क्षेत्र में हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा कर रही है, जिससे व्यापक समुद्री हितों की रक्षा के लिए मित्र देशों के साथ लगातार संबंध विकसित हुए हैं।
‘प्रेसिडेंट्स कलर’ किसी सैन्य इकाई को युद्ध और शांति दोनों की स्थिति में उसकी विशिष्ट सेवा को मान्यता देने के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। आईएनएस वलसुरा भारतीय नौसेना का प्रमुख प्रशिक्षण पोत है। इस जहाज की जिम्मेदारी भारतीय नौसेना, तटरक्षक और अन्य मित्र राष्ट्रों के अधिकारियों और नाविकों को इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, हथियार प्रणाली और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रशिक्षण देना है। आईएनएस वलसुरा को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रॉयल इंडियन नेवी की क्षमता बढ़ाने के लिए टॉरपीडो ट्रेनिंग स्कूल के रूप में कमीशन किया गया था।
इस मौके पर राष्ट्रपति के लिए आयोजित रस्मी समारोह में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 79 वर्षों में यह जहाज प्रमुख तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान में बदल गया है। उन्होंने कहा कि इसे जहाजों और पनडुब्बियों पर जटिल हथियारों और बिजली के उपकरणों को बनाए रखने के लिए समुद्री योद्धाओं को कुशल बनाने की महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय नौसेना दीर्घकालिक योजनाओं को ध्यान में रखते हुए और मिशनों की विस्तारित सीमा को पूरा करने की दिशा में लगातार अपनी ताकत बढ़ा रही है। नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां अत्याधुनिक और परिष्कृत इलेक्ट्रॉनिक्स, हथियारों और सेंसर से लैस हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईएनएस वलसुरा से नौसेना के जहाजों और पनडुब्बियों पर लगे जटिल हथियारों, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी उपकरणों की लड़ाकू योग्यता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों और नाविकों को प्रशिक्षण मिलता रहेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि आईएनएस वलसुरा को राष्ट्र के लिए शांति और युद्ध के दौरान की गई असाधारण सेवा के सम्मान में ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ देना गर्व की बात है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम अपने समाज और अपने राष्ट्र के कर्जदार हैं। समाज की हर संभव मदद करके इस कर्ज को चुकाना हमारा पवित्र कर्तव्य है। आईएनएस वलुसरा ने सौराष्ट्र क्षेत्र में कई सामाजिक आउटरीच कार्यक्रम और कल्याणकारी उपाय शुरू किए हैं।
साभार-हिस
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