नई दिल्ली, केंद्र सरकार का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा की स्थिति काफी बेहतर हुई है। वर्ष 2014 की तुलना में पूर्वोत्तर राज्यों में विद्रोह की घटनाओं में 74 प्रतिशत, नागरिकों की मौत में 89 प्रतिशत और सुरक्षाकर्मियों की मौत में 60 प्रतिशत की कमी आई है।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि वर्ष 2014 में विद्रोह की घटना 824 हुई थी और यह घटकर 2021 में 209 रह गई। 2014 में 212 नागरिकों की इन घटनाओं में मौत हुई थी और 2021 में 23 नागरिकों की मौत हुई है। 2014 में आतंकी हमलों में 20 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और 2021 में यह संख्या आठ है।
राय ने कहा कि केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रखती है। सरकार पूर्वोत्तर राज्यों के विद्रोही समूह से बातचीत कर रही है बशर्ते वे हिंसा छोड़कर हथियार डाल दें। संविधान के ढांचे में उनकी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान खोजा जा रहा है। वार्ता की टेबल पर नहीं आने वाले समूहों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सेना और राज्य पुलिस विशेष अभियान के माध्यम से निपट रही है।
साभार-हिस
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