बैतूल, यूक्रेन के विनित्स्या शहर में फंसे बैतूल जिले के पाढर निवासी छात्र दिपांशु विश्वकर्मा 24 घंटे तक यूक्रेन-रोमानिया बॉर्डर पर माइनस 10 डिग्री तापमान में ठिठुरने के बाद सोमवार को बार्डर क्रास कर रोमानिया पहुंच गये हैं। रोमानिया में उन्हें देश के अन्य छात्रों के साथ मिलिट्री के बंकर में रुकवाया गया है। वहां से फ्लाइट की व्यवस्था होने पर उन्हें भी भारत लाया जाएगा।
दीपांशु विश्वकर्मा ने फोन पर बताया कि ग्रुप के सभी 15 स्टूडेंट्स के साथ बस की व्यवस्था कर इंडियन एंबेसी के अधिकारियों की सहमति से शनिवार को यूक्रेन के विनित्स्या के लिए रवाना हुए थे। 15 स्टूडेंट ने 60 हजार गीवन्स (लगभग 1.50 लाख रुपये) में बस की। बस में तिरंगा लगाकर ये ग्रुप यूक्रेन के विनित्स्या से रविवार सुबह रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचे थे। दिपांशु ने बताया कि रोमानिया बार्डर पर लगभग 4 हजार स्टूडेंट जमा हो गए थे, जिससे बार्डर क्रास करने में समय लग रहा था। लगभग 24 घंटे तक बार्डर पर रहने के बाद उनके ग्रुप का नंबर आया और सोमवार सुबह ग्रुप के सभी स्टूडेंट रोमानिया पहुंच गए हैं। भारतीय दूतावास के निर्देश पर सभी को रोमानिया में मिलिट्री के बंकर में रुकवाया गया है। यहां से केंद्र सरकार द्वारा एयर इंडिया की फ्लाइट उपलब्ध करवाने पर पहले बस से रोमानिया के एकमात्र इंटरनेशनल एयरपोर्ट ले जाया जाएगा। वहां से देश के लिए उड़ान भरी जाएगी। फिलहाल यूक्रेन से रोमानिया पहुंचने के बाद अब वे काफी राहत महसूस कर रहे हैं।
साभार-हिस
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