मुंबई, नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की रंगदारी वसूली मामले में दोतरफा जांच शुरू हुई है। इस मामले की एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (डीडीजी) ज्ञानेश्वर 5 सदस्यीय टीम के साथ बुधवार को समीर वानखेड़े से पूछताछ कर रहे हैं। दूसरी तरफ मुंबई के पांच पुलिस स्टेशनों में समीर वानखेड़े के विरुद्ध अलग-अलग मामला दर्ज किया गया है।
समीर वानखेड़े की ओर से दर्ज एक मामले का गवाह शेखर कांबले भी कलंबोली पुलिस स्टेशन में 10 कोरे कागज पर दस्तखत करवाने व जबरन गवाह बनाने का मामला दर्ज करवा रहा है। मुंबई पुलिस आयुक्त ने समीर वानखेड़े पर दर्ज मामलों की जांच के लिए अपर पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की है।
डीडीजी ज्ञानेश्वर की अध्यक्षता में आज समीर वानखेड़े से रंगदारी वसूली मामले में पूछताछ जारी है। एनसीबी की टीम समीर वानखेड़े का बयान दर्ज कर रही है। एनसीबी की टीम इस मामले में गवाह प्रभाकर साली का भी बयान दर्ज करने वाली है। इसके साथ ही मामले की तह तक जाने के लिए एनसीबी की समीर वानखेड़े की टीम से भी अलग-अलग पूछताछ करने वाली है। ज्ञानेश्वर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि जांच सही तरीके से हो रही है। इस मामले में मंगलवार को एनसीबी के डीजी सत्यनारायण प्रधान समीर वानखेड़े से चर्चा कर चुके हैं।
क्रूज ड्रग पार्टी मामले में गवाह प्रभाकर साली ने आर्यन खान को कार्रवाई से बचाने के लिए 25 करोड़ रुपये की सौदेबाजी करने तथा एक अन्य मामले में 50 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया है। इस मामले की शिकायत वकील सुधा द्विवेदी ने एमआरए पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई है। गवाह प्रभाकर साली का बयान भी पुलिस ने दर्ज किया है। इसी प्रकार एक अन्य गवाह शेखर कांबले ने कहा कि कल टीवी पर खबर देख रहा था , उसी समय एनसीबी के कार्यालय से अनिल माने और आशीष रंजन का फोन आया। इन दोनों अधिकारियों ने उससे कहा कि एनसीबी में दर्ज मामले के बारे में कहीं भी बात न करें। इसके बाद मुझे अब डर लगने लगा है। इसी वजह से समीर वानखेड़े के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया है।
साभार-हिस
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