विपक्ष, जो पेपर लीक, संविधान बचाने और आरक्षण जैसे मुद्दों पर मुखर नजर आ रहा है, वो अब यूपी सरकार पर कुछ हल्के हमले तो कर रहा है, लेकिन बाबा को लेकर कुछ नहीं बोल रहा है। सरकारी पक्ष के भी ज्यादातर लोग भोले बाबा का नाम लेने से बचते हैं। एक “अवैध” सत्संग में हुए हादसे को लगभग 48 घंटे बीत चुके हैं। मरने वालों की संख्या बढ़कर 123 हो गई है, जिसमें 113 महिलाएं, सात बच्चे और तीन पुरुष शामिल हैं
Home / BUSINESS / Hathras Stampede: ‘भोले बाबा’ को लेकर क्यों कुछ भी कहने से बच रहे हैं सभी नेता, कैसे एक कथावचक ने राजनीति में बनाई पैठ
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