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चौथे स्तंभ पर हमले को कांग्रेस नहीं करेगी बर्दास्त – शरत पटनायक
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यह तानाशाही का उदाहरण है – हरिचंदन
भुवनेश्वर। राजधानी भुवनेश्वर में एक ओड़िया दैनिक संबाद के खिलाफ की जा रही छापेमारी को लेकर विपक्ष ने सत्तारूढ़ दल बीजद पर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस और भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शरत पटनायक ने कहा कि चौथा स्तंभ लोकतंत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र को सशक्त करने और लोगों की समस्याओं को सामने लाने का कार्य मीडिया करती है। राज्य में चल रहे गलत कार्यों को समाज के सामने लाना मीडिया व मीडियाकर्मियों की जिम्मेदारी है। ऐसे में राज्य सरकार की गलतियां व नाकामियों को दिखाने के कारण सरकार प्रतिशोध की भावना से कार्य कर रही है। कांग्रेस इसे किसी भी हालत में बर्दास्त नहीं करेगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि आज राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था खराब हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने स्वयं ही इसे खराब किया है। बीजद सरकार में मंत्री व विधायकों के पास किसी प्रकार का अधिकार नहीं है। वे केवल नाम से ही मंत्री है। लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए उनमें किसी प्रकार की अधिकार नहीं है। मीडिया इसे उजागर करने का कार्य कर रही है। बीजद सरकार इसे सहन नहीं कर पा रही है और मीडिया पर हमला करने के लिए उतारु है। मुख्यमंत्री को इससे बाजद आना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि ओडिशा पुलिस अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सोमवार को दैनिक ओड़िया समाचार पत्र के कार्यालय पर छापेमारी की। इस घटनाक्रम से राज्य में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए विपक्षी भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य में तानाशाही कायम है।
वरिष्ठ भाजपा नेता पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि आपातकाल के दौरान मीडिया की स्वतंत्रता ख़तरे में पड़ गई थी। कुछ इसी तरह की स्थिति अब प्रदेश में बनी हुई है। एक सचिव राजा की तरह राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर लोगों को उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दे रहे हैं। लोकतंत्र में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कोई अपने संपादकीय के माध्यम से सरकार की आलोचना करता है, तो वह प्रतिशोधात्मक हो जाती है। यह तानाशाही का उदाहरण है। हालांकि, बीजद ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सब कुछ कानून के प्रावधान के अनुसार किया जा रहा है।
छापेमारी कानून के प्रावधान के अनुसार – राजस्व मंत्री
विपक्ष के हमलों पर राजस्व मंत्री प्रमिला मलिक ने कहा कि मीडिया की आवाज़ को दबाने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। किसी से द्वेष भावना रखकर छापेमारी नहीं की जाती है। ईओडब्ल्यू की छापेमारी कानून के प्रावधान के अनुसार की गई।
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