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दो दिनों के अंदर इस संबंध में सदन में बयान देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष का स्वास्थ्य मंत्री को निर्देश
भुवनेश्वर. कोरोना जब अपने भयंकर रुप में था तब स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एएनएम की छंटनी करने व कुछ माह से उनके द्वारा आंदोलन किये जाने के बाद भी सरकार उनसे बातचीत न करने के मुद्दे को विपक्ष ने बुधवार को जोर शोर से उठाया. विपक्ष ने इन नर्सों को फिर से नौकरी पर रखने की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष सूर्य नारायण पात्र ने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री से आगामी दो दिनों के अंदर सदन में बयान देने का निर्देश दिया.
शून्यकाल में कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपति ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का हृदय नहीं है. वह पत्थर बन चुका है. कोरोना का प्रकोप जब चरम पर था तो ये नर्स अपनी जान की बाजी लगा कर कार्य कर रही थी. अब जब इसका प्रकोप कम हुआ तो उन्हें यूज एंड थ्रो की तरह इस्तमाल किया गया है. उन्होंने कहा कि 13-14 सालों से नर्सों की नियुक्ति की प्रक्रिया नहीं हुई है. इसलिए नर्सों की रित पदों को इन्हीं के द्वारा भरा जाए.भाजपा विधायक मोहन माझी ने भी य़ह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि आज भी कोरोना संकट नहीं टला है. इसलिए नर्स व अन्य़ समस्त स्वास्थ्य़कर्मियों को दोबारा बहाल किया जाए.
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री से इस विषय पर दो दिनों के अंदर बयान देने का निर्देश दिया.
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