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बिजाखमान गांव में हाथी के हमले में एक की मौत, सूझबूझ से परिवार के सदस्यों की बचायी जान
तन्मय सिंह, राजगांगपुर
बीजाखमान गांव में एक व्यक्ति अपने परिवार के सदस्यों को भले ही मौत के मुंह में जाने से बचा लिया, लेकिन को मौत के आगोस में जाने से नहीं रोक पाया. वह हाथी के हमले से नहीं बच पाया और दीवार के मलबे में दबकर मर गया. जानकारी के अनुसार, स्थानीय थाना अंतर्गत बुचकुपाड़ा पंचायत के बीजाखमान गांव में कल रात आठ बजे चार हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया. हाथियों के इस उत्पात से गांव वाले सहम गए और तत्काल इसकी जानकारी राजगांगपुर वन विभाग को दी. इसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम उत्पात मचा रहे हांथियों को वहां से बड़ी मशक्कत से खदड़ने में कामयाब रही. इस दौरान एक हाथी अपने साथियों से बिछड़कर गांव के झाड़ी में एक जगह छिप गया था. इसकी जानकारी किसी को नहीं थी. रात के 11 बजे बिजाखमान गांव के बंधु एक्का जब अपने परिवार के साथ बेखौफ सो रहा था, तभी बंधु की नींद किसी आहट से खुल गई. वह खिड़की से झांककर देखा कि एक हाथी उसके घर में घुसने की कोशिश कर रहा है. इस पर देर ना करते हुए गहरी नींद में सो रहे बंधु एक्का ने अपनी सूझबूझ से पत्नी और दो बच्चों को तत्काल पीछे के रास्ते से बाहर निकाल दिया. अंत में जैसे बंधु बाहर निकालता कि भूख से व्याकुल हाथी ने बंधु एक्का के घर की दीवार को ढाह दिया. दीवार बंधु एक्का के ऊपर गिर गयी और मलबे में दब गया. भूख से गुस्साए हाथी ने बंधु एक्का को कुचलते हुए घर को तहस-नहस कर रात के अंधेरे में ओझल हो गया. रात को इस घटना की जानकारी किसी को नहीं हुई. सुबह होते ही गांव वालों ने टूटे घर को देखा और बंधु एक्का को दीवार के मलबे के नीचे दबा पाया. इसकी पुनः तत्काल इसकी जानकारी वन विभाग की टीम को दी गयी. घटना की जानकारी पाकर तत्काल वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेते हुए मामले की छानबीन में जुट गई. इधर बंधु एक्का के निधन से गांव सहित परिवार वालों में मातम पसर गया है. बंधु की मौत से गांव वालों में वन विभाग के प्रति काफी रोष देखा जा रहा है. गांव वालों का कहना है अगर वन विभाग की टीम चारों हाथियों को खदड़ने में कामयाब रहती तो आज बंधु की जान नहीं जाती.
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