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शालीनता से कुत्ते ने लगवाई तिलक, राखियां भी बांधने दिया
कटक. कोरोना की इस महामारी के बीच रक्षाबंधन के त्योहार में वफादारी और प्रेम की एक अद्भुत मिशाल देखने को मिली है. यहां कटक में कल्पना जैन और सस्मिता दास ने गली के कुत्तों को राखी बांधकर अपने बहन का प्यार दिया. वफादारी के लिए विख्यात यह प्रजाति भी बड़े इस्तेमिनान से खड़ा होकर पहले तिलक लगवाया और फिर राखी भी बांधने दिया. रक्षाबंधन का पूरा रस्म निभाया गया. कल्पना जैन ने बताया कि इनके साथ हर त्योहार को मनाती हैं. हर साल वह गली के कुत्तों को भी राखियां बांधती हैं. उन्होंने कहा कि यह जीव भी प्यार के भूखे होते हैं. उन्होंने कहा कि सस्मिता भी हमारे साथ-साथ इन जीवों को देखभाल करने में घुलमिल गयी है. रक्षाबंधन के दिन कुत्तों भी पहले तिलक लगाया है और फिर उनका राखियां गले में बांधी गयी. इसके बाद उनको मिठाई भी खिलाई गयी. कल्पना ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार फीका ना रह जाए, इसलिए कटक ज्ञानशाला में बच्चों ने अपने अपने भाइयों के लिए घर पर ही अपने हाथों से राखियां बनाईं और भाइयों की कलाइयों पर बांधी. दूर बैठे अपने सभी भाइयों को जूम और व्हाट्सअप के द्वारा अपना प्यार और शुभकामनाएं दीं. इन छोटे-छोटे बच्चों ने ये साबित कर दिया कि खुशियां मनाने के लिए नए कपड़े,गिफ्ट्स ज्यादा जरूरी नहीं, बल्कि अपनों में प्यार और विश्वास ही बहुत है.
ज्ञानशाला मुख्य प्रशिक्षिका किरण बेंगानी एवं प्रशिक्षिका कल्पना जैन द्वारा बस्तियों में जाकर छोटे-छोटे गरीब बच्चों में मिठाइयां बांटी गईं एवं राखियां देकर उनके साथ रक्षा बंधन का त्योहार मनाया. बेजुबान गाय एवं कुत्तों के साथ भी ये त्योहार बहुत ही प्यार से मनाया गया. बच्चों को भी यही सीख दी गयी कि हमें हमेशा इनकी रक्षा करनी है. इनको भूख और हर तकलीफ से बचाना है. कटक मातृशक्ति मारवाड़ी सोसाइटी की अध्यक्ष संपति मोड़ा ने कहा कि नारी प्यार और ममता की सृजन है. प्यार और ममता के सामने सभी नतमस्तक हो जाते हैं. इसलिए लोगों को आपस में भाईचारे के साथ रहना चाहिए. उन्होंने कल्पना जैन और सस्मिता दास के कार्यों की सराहना की तथा सबसे कोरोना के इस संकट की घड़ी में जीवों का ख्याल रखने की अपील की.
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