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दो साल में 96 ने किया आत्मसमर्पण
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अब सिर्फ 15 माओवादी सक्रिय
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31 मार्च 2026 तक पूरी तरह मुक्त होने का लक्ष्य – मुख्यमंत्री
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य अब माओवादी प्रभाव से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल 15 माओवादी ही सक्रिय हैं, जो सीमावर्ती इलाकों तक सीमित रह गए हैं।
सीमावर्ती जिलों तक सिमटा माओवादी प्रभाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब माओवादी गतिविधियां मुख्य रूप से कंधमाल, कलाहांडी और रायगड़ा जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित रह गई हैं।
दो वर्षों में 96 माओवादियों का आत्मसमर्पण
लिखित जवाब में मोहन चरण माझी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 96 माओवादी और उनके सहयोगी (मिलिशिया सदस्य) आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो राज्य में सुरक्षा बलों की सफलता को दर्शाता है।
आठ जिले ‘लेगेसी एंड थ्रस्ट’ श्रेणी में
राज्य के आठ जिलों, बौध, बलांगीर, कलाहांडी, कोरापुट, मालकानगिरि, नवरंगपुर, नुआपड़ा और रायगड़ा को ‘लेगेसी एंड थ्रस्ट’ जिले के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां पहले माओवादी गतिविधियां अधिक थीं और अब विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
31 मार्च 2026 तक लक्ष्य हासिल करने का भरोसा
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विश्वास जताया कि राज्य 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह माओवादी मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार तेज किए गए सुरक्षा अभियान और विकास योजनाओं के चलते माओवादी नेटवर्क कमजोर पड़ा है और राज्य में शांति बहाली की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
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