-
पार्टी के छह विधायक निलंबित
-
पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने का आरोप
-
अयोग्यता की भी तैयारी
-
बयानबाजी और इस्तीफों से बढ़ा आंतरिक विवाद
भुवनेश्वर। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने छह विधायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने राजनीतिक मामलों की समिति की सिफारिश पर की है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मुख्य सचेतक द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस, विधायकों के जवाब और अनुशासन समिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। बीजद ने स्पष्ट किया कि संबंधित विधायकों ने पार्टी के सामूहिक निर्णयों के प्रति “पूर्ण निष्ठा” के सिद्धांत का उल्लंघन किया है।
किन विधायकों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए विधायकों में चक्रमणि कन्हार (बालिगुड़ा), नव किशोर मल्लिक (जयदेव), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुभासिनी जेना (बस्ता), रामकांत भोई (तिर्तोल) और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) शामिल हैं।
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने बीजद-कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार के बजाय भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया, जिससे पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा।
कानूनी कार्रवाई के संकेत
बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा कि पार्टी इन विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इनकी सदस्यता रद्द (अयोग्यता) करने की मांग भी की जाएगी।
निलंबित विधायक का बचाव
निलंबन के एक दिन बाद चक्रमणि कन्हार ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने पहला वोट पार्टी निर्देश के अनुसार दिया, जबकि दूसरा वोट “बीजू पटनायक की विरासत” को ध्यान में रखते हुए दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी पार्टी से विश्वासघात नहीं किया और आगे भी जनता की सेवा करते रहेंगे।
दिलीप राय की जीत से बदला समीकरण
राज्यसभा चुनाव में दिलीप राय की जीत को क्रॉस वोटिंग का सीधा परिणाम माना जा रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की विरासत का हवाला देकर समर्थन मांगा था। यह परिणाम नवीन पटनायक के लिए एक और राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि 2024 चुनावी हार और उपचुनाव में पराजय के बाद यह तीसरा बड़ा झटका है।
पार्टी में बढ़ा असंतोष, इस्तीफों का सिलसिला
इस कार्रवाई के बाद बीजद के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। बालेश्वर जिले में सुभासिनी जेना के निलंबन के विरोध में कई युवा नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बताया गया है कि बलियापाल क्षेत्र के युवा नेता संग्राम परिडा और छात्र नेता सुशांत बेहरा ने संगठनात्मक पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले बस्ता ब्लॉक के अध्यक्ष अनिल मोहंती भी पार्टी छोड़ चुके हैं और उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताया है।
साजिश और विश्वासघात के आरोप
वहीं, कटक के मेयर सुभाष सिंह ने कुछ विधायकों पर जनता के विश्वास के साथ धोखा करने और पार्टी को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनौती दी कि संबंधित विधायक इस्तीफा देकर जनता के बीच जाएं और नया जनादेश लें।
अनुशासन बनाम आंतरिक कलह
बीजद इस कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रही है, लेकिन दूसरी ओर पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी और इस्तीफों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में यह विवाद और गहरा सकता है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
