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नवरंगपुर में भतरा समाज का कड़ा फैसला
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12 साल तक परिवार से नहीं रखेंगे कोई संबंध
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बेटी की शादी दूसरी जाति में कराने पर भड़के लोग
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आपात बैठक में लिया गया निर्णय
नवरंगपुर। नवरंगपुर जिले में एक बड़ा सामाजिक विवाद सामने आया है, जहां भतरा समाज ने पूर्व विधायक सदाशिव प्रधानी और उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी दूसरी जाति में कराई, जिसे समाज ने परंपराओं के खिलाफ बताया।
यह फैसला अखिल भारतीय भतरा विकास परिषद की जिला इकाई की आपात बैठक में लिया गया। बैठक झारिगांव ब्लॉक के धामनागुड़ा स्थित दंतेश्वरी मंदिर परिसर में आयोजित हुई, जिसमें दस ब्लॉकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए परिषद ने प्रधानि के परिवार पर 12 वर्षों का सामाजिक बहिष्कार लागू करने की घोषणा की।
सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध पूरी तरह खत्म
परिषद के नेताओं ने कहा कि बहिष्कार अवधि के दौरान भतरा समाज का कोई भी सदस्य इस परिवार के साथ सामाजिक या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग नहीं लेगा और न ही किसी प्रकार का सहयोग करेगा।
एक और सदस्य पर भी कार्रवाई
बैठक में चांदहांडी ब्लॉक के अंकाबेड़ा गांव के क्षीरसिंधु मरकाम को भी समाज से निष्कासित किया गया। उन पर बार-बार समुदाय के बाहर विवाह करने का आरोप लगाया गया, जिसे परंपराओं का उल्लंघन माना गया।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में जगदीश नायक, जगन्नाथ माझी, रामाधार माझी, पूर्णा माझी, अनंता सोरी, प्रताप चंद्र नायक, मोतीराम समर्थ और नवीन चंद्र भतरा सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए। सैकड़ों समाज के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समुदाय इस मुद्दे पर एकजुट है।
बढ़ सकती है सामाजिक बहस
इस घटना के बाद अंतरजातीय विवाह और सामाजिक परंपराओं को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। एक ओर जहां समाज अपने नियमों की रक्षा की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अधिकारों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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