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सतर्कता विभाग ने श्रीकृष्ण के उपदेश से किया भ्रष्टाचार पर प्रहार

  •  गीता का ज्ञान सुनाकर पीड़ित की तोड़ी खामोशी

  •  4.27 करोड़ नकदी बरामदगी में सतर्कता विभाग ने ली थी गीता की मदद

  • अनोखी और ऐतिहासिक कार्रवाई में हुई थी अब तक रिकॉर्ड बरामदगी

भुवनेश्वर। ओडिशा में खनन उपनिदेशक देवव्रत मोहंती के यहां से हाल ही में 4.27 करोड़ रुपये की नकदी बरामदगी मामले में एक अजीब खुलासा हुआ है। खबर है कि ओडिशा के सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश का सहारा लेकर इस भ्रष्टाचार के मामले पर प्रहार किया था और गीता का ज्ञान सुनाकर पीड़ित की खामोशी तोड़ी थी, तब जाकर शिकायतकर्ता इस भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए तैयार हुआ।

सूझबूझ, धैर्य और धर्म के संदेश के सहारे भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई इस एक अनोखी और ऐतिहासिक कार्रवाई में ओडिशा के सतर्कता विभाग ने खनन उपनिदेशक देवव्रत मोहंती को 4.27 करोड़ रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया। यह बरामदगी विभाग के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी नकद जब्ती बताई जा रही है।

दो वर्षों से विभाग के संपर्क में था पीड़ित

सूत्रों के अनुसार, एक कोयला कारोबारी पिछले दो वर्षों से रिश्वत और उत्पीड़न की शिकायत लेकर सतर्कता विभाग के संपर्क में था। प्रारंभ में जाल बिछाने की योजना सफल नहीं हो सकी, लेकिन एक अधिकारी लगातार उससे संपर्क में रहा। 58 वर्षीय मोहंती ने कारोबारी से हर माह 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी, ताकि उसका व्यवसाय सुचारु रूप से चलता रहे।

कारोबारी ने हिचकिचाहत में फोन भी बंद किया

बताया जाता है कि कारोबारी ने मौखिक शिकायत तो की, लेकिन बदले की आशंका से लिखित शिकायत देने में हिचकिचा रहा था और उसने अपना फोन भी बंद कर लिया। वह काफी डरा हुआ था।

अधिकारियों ने ढूंढा

फोन बंद होने के कारण वह एक समय के लिए अधिकारियों की पहुंच से दूर चला गया था, लेकिन इस बीच सतर्कता अधिकारियों ने उसे ढूंढ निकाला और लंबी काउंसलिंग की।

श्रीकृष्ण का उपदेश सुनाया

एक अधिकारी ने उसे भागवत गीता के उपदेशों का स्मरण कराते हुए श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए संदेश, कर्तव्य का पालन निर्भय होकर करने और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने, का उदाहरण दिया। यहां तक कि उसे गीता का एक अंश भी भेजा गया। इस नैतिक प्रेरणा और आश्वासन के बाद कारोबारी ने अंततः लिखित शिकायत दर्ज कराई।

रंगेहाथों पकड़े गए मोहंती

इसके बाद कटक सर्किल में पदस्थ मोहंती को निगरानी में रखा गया और बीते मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे उन्हें अपने कक्ष में 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया गया। शिकायतकर्ता के साथ दो सादे कपड़ों में सतर्कता अधिकारी भी मौजूद थे, जो रेत कारोबारी बनकर पहुंचे थे।

गुप्त फ्लैट से 4.27 करोड़ की बरामदगी

गिरफ्तारी के बाद तलाशी अभियान में चंद्रशेखरपुर स्थित एक किराये के फ्लैट से ट्रॉली बैग और अलमारियों में छिपाकर रखे गए 4.27 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।

जांच को भटकाने का भटकाने का प्रयास

बताया जाता है कि जांच को भटकाने के लिए मोहंती ने दावा किया था कि उनका केवल पहाल क्षेत्र में ही मकान है। जब अधिकारी चंद्रशेखरपुर के अपार्टमेंट पहुंचे तो उनकी पत्नी ने प्रारंभ में उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। बाद में हिरासत में मौजूद मोहंती से फोन करवाया गया, जिससे सच्चाई सामने आ गई।

किराये के आवास को पूरी तरह रखा था गुप्त

सूत्रों के अनुसार, मोहंती ने अपने इस किराये के आवास को पूरी तरह गुप्त रखा था। यहां तक कि उनका चालक भी फ्लैट का सटीक पता नहीं जानता था। वह चालक से कुछ किलोमीटर पहले उतर जाते और पैदल घर तक जाते थे।

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