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प्रत्येक विश्वविद्यालय को एक इकाई मानकर लागू होगा आरक्षण प्रावधान
भुवनेश्वर। ओडिशा विधान सभा में राज्य विश्वविद्यालयों में शिक्षक पदों पर आरक्षण लागू करने संबंधी अध्यादेश प्रस्तुत किया गया। विपक्ष के शोर-शराबे के बीच उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने अपराह्न सत्र में “ओडिशा राज्य सरकारी विश्वविद्यालय (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अध्यादेश, 2025” सदन के पटल पर रखा।
राज्य मंत्रिमंडल ने गत वर्ष 24 दिसंबर को इस अध्यादेश को लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की थी, किंतु उस समय विधान सभा का सत्र न होने के कारण इसे अधिसूचित नहीं किया जा सका था।
प्रत्येक विश्वविद्यालय होगा एक इकाई
अध्यादेश के प्रावधानों के अनुसार, शिक्षक पदों पर सीधी नियुक्ति के समय प्रत्येक विश्वविद्यालय को एक इकाई के रूप में माना जाएगा। यह व्यवस्था प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक तथा सहायक प्राध्यापक पदों पर लागू होगी। सरकार का उद्देश्य राज्य के विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित आरक्षण मानकों के अनुरूप लाना है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
अनुसूचित वर्गों एवं दिव्यांगजनों को मिलेगा लाभ
अध्यादेश के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग तथा दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण प्रावधान सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में समान रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि उत्कृष्टता केंद्रों, शोध केंद्रों तथा राष्ट्रीय प्रतिष्ठा प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर यह नीति लागू नहीं होगी।
वर्तमान सत्र में विधेयक लाने की तैयारी
सरकार इस अध्यादेश से संबंधित विधेयक को वर्तमान सत्र के दौरान सदन में प्रस्तुत करने की तैयारी में है। इसे उच्च शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालयों में सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व को सुदृढ़ किया जा सके।
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