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मंत्री ने विधानसभा को दी जानकारी
भुवनेश्वर। मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने बुधवार को राज्य विधानसभा में बताया कि ओडिशा में जांचे गए दूध और दुग्ध उत्पादों के 88 नमूनों में से 8 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए और उन्हें निम्न-स्तरीय श्रेणी में रखा गया।
विधायक टंकधर त्रिपाठी के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि इन नमूनों की जांच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय द्वारा कराई गई।
भुवनेश्वर स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के दौरान दूध और दुग्ध उत्पादों के कुल 88 नमूनों का विश्लेषण किया गया। इनमें से 80 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे उतरे, जबकि 8 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे और उन्हें निम्न-स्तरीय घोषित किया गया। हालांकि परीक्षण अवधि के दौरान कोई भी नमूना असुरक्षित या भ्रामक लेबल वाला नहीं पाया गया।
मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि राज्य में ओमफेड के अलावा कम से कम 22 कंपनियां दूध और दुग्ध उत्पादों के कारोबार में संलग्न हैं, जिनमें 10 कंपनियां ओडिशा की और 12 राज्य के बाहर की हैं।
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