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देशभर में 30 लाख से ज्यादा किसानों का नामांकन लंबित
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लोकसभा में हुआ खुलासा
भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर में करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, लेकिन आधार-बैंक खाते की लिंकिंग में तकनीकी अड़चन के कारण बड़ी संख्या में पात्र किसान अब भी लाभ से वंचित हैं।
लोकसभा में सांसद एमके विष्णु प्रसाद के प्रश्न के उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि देशभर में 30,18,361 किसानों का आधार सीडिंग कार्य अब भी लंबित है।
ओडिशा के 73,532 किसान प्रभावित
ओडिशा में 73,532 किसान आधार-बैंक खाते की लिंकिंग पूरी न होने के कारण पीएम-किसान योजना की किस्त प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। योजना के तहत लाभ सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से भेजा जाता है, इसलिए आधार लिंकिंग अनिवार्य है।
सर्वाधिक प्रभावित किसान उत्तर प्रदेश में
देश में सर्वाधिक प्रभावित किसान उत्तर प्रदेश में हैं, जहां 10,44,200 किसानों का नामांकन लंबित है। गुजरात और राजस्थान में भी बड़ी संख्या में किसान इसी समस्या का सामना कर रहे हैं।
6 हजार रुपये वार्षिक सहायता
फरवरी 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। अब तक 21 किस्तों में कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं।
बैंक खाते आधार से लिंक नहीं, किस्त अटक
हालांकि जिन किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं, उनकी किस्त अटक गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी भुगतान केवल आधार-लिंक्ड खातों के माध्यम से ही किए जाते हैं।
समस्या समाधान के लिए विशेष अभियान
इस बाधा को दूर करने के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर विशेष अभियान चला रही है। सामान्य सेवा केंद्रों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से आधार लिंकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। किसानों को संदेश के माध्यम से भी सूचित किया जा रहा है कि वे शीघ्र आधार सीडिंग पूर्ण करें।
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