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54 हजार करोड़ रुपये के निवेश से ओडिशा में शत-प्रतिशत ग्रामीण पाइप जल आपूर्ति की तैयारी
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोक सेवा भवन में पंचायत राज एवं पेयजल विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिया कि मार्च 2027 तक राज्य के प्रत्येक गांव में पाइप के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कोई भी राजस्व गांव पेयजल सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय बहुल क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और समान रूप से जल सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। यह महत्वाकांक्षी पहल मिशन मोड में संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
46,531 गांवों में से 21,721 में पहुंचा पाइप जल
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में कुल 46,531 गांव हैं, जिनमें से 21,721 गांवों में पाइप जल सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। वर्तमान में सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति योजनाओं और मेगा पेयजल परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है।
ग्रामीण पाइप जल कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने कुल 54,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें से 32,128 करोड़ रुपये जल जीवन मिशन के तहत तथा 21,109 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जा रहे हैं।
मेगा परियोजनाओं और सौर योजनाओं में तेज प्रगति
वर्ष 2017 से 12 जून 2024 तक तीन मेगा पेयजल परियोजनाएं पूरी की गईं। जून 2024 के बाद 23 और मेगा परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं। पिछले 20 महीनों में 2,951 एकल गांव परियोजनाएं, 2,702 सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाएं लागू की गईं तथा 26,137 ट्यूबवेल स्थापित किए गए हैं।
बैठक में पंचायत राज एवं पेयजल मंत्री रवि नारायण नायक, मुख्य सचिव अनु गर्ग, विकास आयुक्त देवरणजन कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शाश्वत मिश्र, विभागीय आयुक्त-सह-सचिव गिरीश एसएन और पेयजल एवं स्वच्छता निदेशक विनीत भारद्वाज सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार का यह अभियान सतत विकास और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे ओडिशा के हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने का संकल्प साकार हो सकेगा।
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