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नेता प्रतिपक्ष ने ओडिशा के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
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प्रति किसान 150 क्विंटल तक इनपुट सब्सिडी सीमित करने की आलोचना की
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कटनी-छटनी के नाम पर अवैध कटौती का लगाया आरोप
भुवनेश्वर। नेता प्रतिपक्ष एवं ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि मौजूदा धान खरीद मौसम के दौरान राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है।
अपने पत्र में पटनायक ने राज्य भर की मंडियों में किसानों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कटनी-छटनी के नाम पर अवैध कटौती जारी है, जबकि सरकार ने धान की निर्बाध और परेशानी-मुक्त खरीद का आश्वासन दिया था। पटनायक के अनुसार, नमी या गुणवत्ता का हवाला देकर प्रति क्विंटल 5 से 7 किलो तक की मनमानी कटौती की जा रही है, जो कई जिलों में खुले तौर पर हो रही है। उन्होंने इसमें मिलरों और स्थानीय अधिकारियों की कथित संलिप्तता का भी आरोप लगाया।
इनपुट सब्सिडी सीमित करने की आलोचना की
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रति किसान 150 क्विंटल तक इनपुट सब्सिडी सीमित करने के सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा ने पूरे उत्पादन पर 800 रुपये प्रति क्विंटल इनपुट सब्सिडी देने का वादा किया था। उन्होंने दावा किया कि यह सीमा अधिक उत्पादन करने वाले किसानों को दंडित करती है और 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों का उल्लंघन है। पटनायक ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के बावजूद ओडिशा के किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई
मंडियों में देरी और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताते हुए पटनायक ने कहा कि हजारों किसान अपनी उपज की सुरक्षा के लिए खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टोकन प्रणाली विफल हो चुकी है और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 48 घंटे में भुगतान का वादा होने के बावजूद कई मामलों में किसानों को हफ्तों इंतजार करना पड़ रहा है।
किसान कम दाम पर बेचने को मजबूर
उन्होंने संकटपूर्ण बिक्री का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि अवैध कटौती, 150-क्विंटल की सीमा और धान उठाव में देरी के कारण किसान कर्ज चुकाने के लिए अपनी उपज एमएसपी से कम दाम पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
इनपुट सब्सिडी पर 150-क्विंटल की सीमा हटाने की मांग
नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कटनी-छटनी रोकने के लिए विशेष दस्तों की तैनाती, इनपुट सब्सिडी पर 150-क्विंटल की सीमा हटाने, 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने और 72 घंटे के भीतर 100 प्रतिशत धान उठाव की गारंटी देने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो राज्य भर में किसानों का आंदोलन तेज हो सकता है।
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