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छह शहरों की वायु गुणवत्ता दिल्ली के बराबर, अनुगूल सबसे प्रदूषित
भुवनेश्वर। ओडिशा एक बार फिर देश के सबसे प्रदूषित राज्यों में शामिल हो गया है। रविवार को राज्य के छह शहरों की वायु गुणवत्ता राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के बराबर दर्ज की गई, जो गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय है। इन सभी शहरों को ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया है।
राज्य में अनुगूल सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 दर्ज किया गया। इसके बाद कटक में 259, बालेश्वर में 220, बारीपदा में 213, ब्यासनगर में 211 और केंदुझर में 205 का सूचकांक दर्ज हुआ।
तुलना करें तो इसी दिन नई दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 265 रहा, जो अनुगूल से भी कम है।
राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां सूचकांक 160 दर्ज किया गया, जिसे ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा गया है। यहां प्रमुख प्रदूषक ओज़ोन पाया गया।
प्रमुख प्रदूषक इस प्रकार रहे
अनुगूल: ओजोन
कटक: ओजोन
बालेश्वर: सूक्ष्म कण
बारिपदा: सूक्ष्म कण
ब्यासनगर: ओजोन
केंदुझर: सूक्ष्म कण
हृदय और श्वसन तंत्र के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वच्छ हवा में सांस लेने से स्ट्रोक, हृदयाघात, फेफड़ों के कैंसर और दमा जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों ही रूपों में हृदय और श्वसन तंत्र के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
पिछले वर्ष दिसंबर में भी था यही हाल
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष दिसंबर में भी ओडिशा देश के सबसे प्रदूषित राज्यों में शामिल रहा था और उस समय भी कई शहरों ने वायु गुणवत्ता के मामले में नई दिल्ली को पीछे छोड़ दिया था। यह स्थिति संकेत देती है कि राज्य में प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
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