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कहा-इंफ्रास्ट्रक्चर फोकस से रियल एस्टेट को नए अवसर, लेकिन आवासीय मांग में सीमित बढ़ोतरी की संभावना
भुवनेश्वर। केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्कल बिल्डर्स के चेयरमैन सुभाष भुरा ने कहा कि बजट में जल और रेल कॉरिडोर की घोषणा से पारादीप, पुरी और आसपास के तटीय व औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी क्षेत्र की पहचान बदल देता है और आने वाले वर्षों में ये शहर औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और वाणिज्यिक गतिविधियों के नए केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते फोकस से रियल एस्टेट सेक्टर को नए अवसर जरूर मिलेंगे, विशेषकर कमर्शियल और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में, लेकिन आम जनता को सीधे राहत नहीं मिलने के कारण आवासीय मांग में कोई बड़ी तेजी फिलहाल नजर नहीं आती। मध्यम और निम्न आय वर्ग के खरीदार अब भी कीमत, ब्याज दर और मासिक खर्चों को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
तैयार घरों पर 5% जीएसटी हटाने की जरूरत
सुभाष भुरा ने तैयार (रेडी-टू-मूव) घरों पर लगने वाले 5 प्रतिशत जीएसटी को लेकर सरकार से पुनर्विचार की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री पर पहले ही जीएसटी अदा किया जा चुका होता है, इसके बावजूद तैयार घरों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगने से अतिरिक्त बोझ सीधे ग्राहकों पर पड़ता है। इससे घर खरीदने की लागत बढ़ जाती है और वास्तविक खरीदार पीछे हटते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार तैयार घरों पर जीएसटी हटाने या उसमें राहत देने का निर्णय लेती है, तो इससे बाजार में विश्वास बढ़ेगा और रुकी हुई आवासीय मांग को गति मिलेगी।
अफॉर्डेबल हाउसिंग के लिए बचत प्रोत्साहन जरूरी
उत्कल बिल्डर्स के अध्यक्ष ने कहा कि अफॉर्डेबल हाउसिंग को वास्तव में बढ़ावा देने के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आम लोगों के लिए बचत आधारित प्रोत्साहन भी जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को होम लोन, डाउन पेमेंट या हाउसिंग सेविंग स्कीम्स के माध्यम से मध्यम वर्ग को अतिरिक्त राहत देने पर विचार करना चाहिए, ताकि घर खरीदना फिर से एक व्यावहारिक सपना बन सके।
ओडिशा को विकास की नई दिशा
सुभाष भुरा ने कहा कि बजट में ओडिशा के लिए की गई घोषणाएं राज्य की विकास यात्रा को नई गति देंगी। जलमार्ग, रेल कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिसका दीर्घकालिक लाभ रियल एस्टेट सेक्टर को भी मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि नीतिगत सुधारों के साथ आम जनता को प्रत्यक्ष राहत दी गई, तो ओडिशा का रियल एस्टेट बाजार एक संतुलित और टिकाऊ विकास की ओर बढ़ेगा।
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