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किफायती आवास को लेकर जताई गंभीर चिंता
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केंद्रीय बजट पर रियल एस्टेट क्षेत्र की मिली-जुली प्रतिक्रिया
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कनेक्टिविटी और शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा – स्वदेश राउतराय
भुवनेश्वर। कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ओडिशा ने केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर जोर दिए जाने का स्वागत किया है। संगठन ने इसे रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम बताया, जो दीर्घकालिक शहरी विकास को गति देगा।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेडाई नेशनल के उपाध्यक्ष एवं क्रेडाई ओडिशा के अध्यक्ष स्वदेश कुमार राउतराय ने कहा कि हाइवे, मेट्रो, रेलवे, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर और शहरी अवसंरचना में लगातार निवेश से कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। इससे नए विकास कॉरिडोर खुलेंगे और ओडिशा सहित पूरे देश में शहरी विकास को मजबूती मिलेगी।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर सरकार के फोकस की सराहना
क्रेडाई ओडिशा ने बजट में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर दिए गए जोर की भी सराहना की। संगठन के अनुसार तेजी से मंजूरी प्रक्रिया, सरल नियामक ढांचा और बढ़ती डिजिटलीकरण व्यवस्था से परियोजनाओं में देरी और लागत में कमी आएगी। इसका सीधा लाभ न केवल डेवलपर्स को, बल्कि घर खरीदने वालों को भी मिलेगा।
किफायती आवास पर ठोस प्रावधान न होने से निराशा
हालांकि, क्रेडाई ने बजट में किफायती आवास के लिए किसी भी ठोस उपाय के अभाव पर गहरी निराशा जताई। स्वदेश कुमार राउतराय ने कहा कि मौजूदा समय में किफायती आवास की परिभाषा पुरानी हो चुकी है।
उनके अनुसार, यदि नीति में बदलाव नहीं किया गया तो किफायती आवास का हिस्सा कुल आवास आपूर्ति में करीब 18 प्रतिशत से घटकर लगभग 12 प्रतिशत तक आ सकता है, जो निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम आय वर्ग के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
किफायती आवास केवल कल्याण नहीं, आर्थिक आधार
क्रेडाई ओडिशा अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि किफायती आवास को केवल कल्याणकारी योजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किफायती आवास आर्थिक अवसंरचना है। यह बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करता है, उपभोग को बढ़ावा देता है और सामाजिक स्थिरता सुनिश्चित करता है। लेकिन निर्माण लागत और भूमि मूल्यों में निरंतर वृद्धि, पर्याप्त नीतिगत समर्थन के बिना, डेवलपर्स को इस अहम क्षेत्र से दूर कर रही है।
किराया बढ़ने और अव्यवस्थित शहरीकरण की आशंका
क्रेडाई ने चेतावनी दी कि यदि किफायती आवास की आपूर्ति कमजोर होती रही, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। इससे किराये में वृद्धि, काम के स्थान से दूर रहने की मजबूरी और शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित अनौपचारिक आवास के बढ़ने जैसी समस्याएं पैदा होंगी।
केंद्र सरकार से त्वरित कदम उठाने की मांग
क्रेडाई ओडिशा ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि किफायती आवास को पुनर्जीवित और समर्थन देने के लिए तत्काल नीतिगत उपाय किए जाएं। संगठन ने कहा कि यह कदम समावेशी और सतत शहरी विकास सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश की बढ़ती शहरी आबादी की वास्तविक आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।
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