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सहकारिता आंदोलन को मिलेगी नई मजबूती
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समावेशी विकास के विजन के अनुरूप तैयार की गई नई नीति
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार राज्य में सहकारिता आंदोलन को सशक्त और आधुनिक बनाने के लिए नई राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू करने जा रही है। सहकारिता विभाग ने इस नीति प्रस्ताव को ओडिशा कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया है। सरकार के अनुसार, यह नीति सहकारिता क्षेत्र को तकनीक आधारित, दक्ष और सदस्य-केंद्रित पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय विजन से जुड़ी राज्य की पहल
केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने पिछले वर्ष जुलाई में राष्ट्रीय सहकारिता नीति लागू की थी, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करना है। इसके तहत सभी राज्यों को केंद्र की नीति के अनुरूप अपनी-अपनी सहकारिता नीतियां तैयार करने की सलाह दी गई थी। इसी क्रम में ओडिशा सरकार ने राज्य स्तर पर यह नई नीति तैयार की है।
विभिन्न हितधारकों से परामर्श के बाद तैयार हुआ मसौदा
राज्य सरकार ने बताया कि राज्य सहकारिता नीति-2026 का मसौदा तैयार करने से पहले सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों, शिक्षाविदों, सहकारी संस्थानों, क्षेत्र विशेषज्ञों, जमीनी स्तर के कर्मियों और आम जनता से व्यापक परामर्श किया गया। इन सभी सुझावों को शामिल करते हुए नीति को अंतिम रूप दिया गया है।
2036 तक प्रभावी रहेगी नई सहकारिता नीति
राज्य सहकारिता नीति-2026 को वर्ष 2036 तक लागू रखने का प्रस्ताव है। इस नीति के तहत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, लैंप्स, सहकारी बैंकों, सहकारी विपणन एवं प्रसंस्करण समितियों, डेयरी, जनजातीय, हथकरघा, मत्स्य और आवास सहकारिताओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता और अंतिम छोर तक प्रभाव को बेहतर बनाया जा सके।
सात रणनीतिक स्तंभों पर आधारित नीति
नई सहकारिता नीति को सात रणनीतिक स्तंभों पर आधारित किया गया है। इनमें सहकारिताओं की बुनियादी मजबूती, डिजिटल रूपांतरण, सहकारिता का विविधीकरण, सदस्यों का सशक्तीकरण, वित्तीय मजबूती, प्रबंधन का पेशेवरकरण, शासन सुधार और राज्य समर्थन तंत्र को मजबूत करना शामिल है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका को मिलेगा बल
सरकार के अनुसार, इस नीति के लागू होने से राज्य में एक मजबूत और पारदर्शी सहकारी नेटवर्क विकसित होगा, जो विश्वसनीय सेवाएं प्रदान करेगा। इससे गांव स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि, ऋण प्रवाह में सुधार, फसल बीमा कवरेज का विस्तार, विपणन दक्षता और मूल्य श्रृंखला का एकीकरण संभव होगा। साथ ही सहकारी संस्थानों की संस्थागत क्षमता भी मजबूत होगी।
सहकारिता आंदोलन को मिलेगी नई दिशा
राज्य सरकार ने कहा कि राज्य सहकारिता नीति-2026 से ओडिशा के सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और गति मिलेगी। यह नीति ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रमुख माध्यम बनेगी, जिससे राज्य के समावेशी और सतत विकास को नई मजबूती मिलेगी।
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