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अतिथियों ने जनजातीय जीवन को केंद्र में रखकर लिखे गए ‘पार्श्वस्रोत’ उपन्यास की सराहना की
भुवनेश्वर। कुटिया कंधा जनजाति के जीवन, संस्कृति और परंपराओं को साहित्यिक रूप में प्रस्तुत करने वाला उपन्यास ‘पार्श्वस्रोत’ भुवनेश्वर स्थित बुद्ध मंदिर सभागार में विमोचित किया गया। इस उपन्यास के लेखक अमृत रुतुरा, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, खुर्दा हैं।
पुस्तक विमोचन समारोह में प्रख्यात साहित्यकार सरोजिनी साहू और अजय स्वाईं सहित कई साहित्य प्रेमी व बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने जनजातीय जीवन को केंद्र में रखकर लिखे गए इस उपन्यास की सराहना की।
कुटिया कंधा जनजाति के जीवन की सजीव झलक
‘पार्श्वस्रोत’ उपन्यास कुटिया कंधा जनजाति के सामाजिक जीवन, रीति-रिवाजों, परंपराओं और प्रकृति से उनके गहरे संबंध को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। यह कृति जनजातीय समाज की आस्था, विश्वास प्रणाली और आधुनिक समय में सामने आ रही चुनौतियों को प्रभावशाली कथा-विन्यास के माध्यम से सामने लाती है।
शोध और मनोरंजन का अनूठा संगम
उपन्यास न केवल मनोरंजक है, बल्कि जनजातीय अध्ययन और भारतीय सांस्कृतिक विविधता को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण साहित्यिक दस्तावेज भी है। सशक्त पात्रों और जीवंत वर्णन के माध्यम से यह पुस्तक पाठकों को जनजातीय जीवन के भीतर तक ले जाती है। इस उपन्यास का प्रकाशन आदित्य भारत द्वारा किया गया है और यह पुस्तक अमेज़न सहित प्रमुख ई-कॉमर्स मंचों पर उपलब्ध है।
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