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दिल्ली से पहुंची सीबीआई टीमों की एकसाथ कार्रवाई
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सुंदरगढ़ में कोयला घोटाले की जांच तेज
सुंदरगढ़। सुंदरगढ़ जिले में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड से जुड़ी कोयला डायवर्जन की शिकायतों के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। आरोप है कि खदान से डिस्पैच के दौरान बड़ी मात्रा में कोयला निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा।
दिल्ली से आई सीबीआई की टीमों ने गर्जनबहाल कोयला खदान और कनिका रेलवे साइडिंग पर एक साथ छापेमारी की। जांच का केंद्र लगभग 75 हजार टन कोयले का कथित अवैध डायवर्जन है, जो खदान से साइडिंग तक भेजे जाने के दौरान रिकॉर्ड से बाहर हो गया।
रेलवे साइडिंग के जरिये आवाजाही की जांच
सीबीआई के तीन दलों ने इस बात की पड़ताल शुरू की कि कोयला रेलवे साइडिंग से किस तरह आगे भेजा गया और उसका अंतिम प्राप्तकर्ता कौन था। जांच के तहत कनिका रेलवे साइडिंग के प्रभारी सीपी सेठी को उनके आवास से साइडिंग लाकर पूछताछ की गई। वहीं गर्जनबहाल खदान के कुछ कर्मचारियों से भी मौके पर ही सवाल-जवाब हुए।
पूर्व कार्यकाल में गड़बड़ी की आशंका
सूत्रों के मुताबिक सीपी सेठी पहले गर्जनबहाल परियोजना के प्रभारी रह चुके हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि कथित कोयला डायवर्जन उनके इसी कार्यकाल के दौरान हुआ। वर्तमान में वे रेलवे साइडिंग प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं।
दस्तावेज खंगाले, रिकॉर्ड में तलाशे गए सुराग
सीबीआई अधिकारियों ने कोयला डिस्पैच और परिवहन से जुड़े दस्तावेज़ों की गहन जांच की। लॉग बुक, चालान, मूवमेंट रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड खंगालकर विसंगतियों की पहचान की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद होगी अगली कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि जिम्मेदारी तय होने और कोयला डायवर्जन की वास्तविक मात्रा स्पष्ट होने के बाद सीबीआई आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। इस छापेमारी से कोयला क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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