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कोटिया में अवैध प्रवेश पर होगी सख्त कार्रवाई

  •     ओडिशा सरकार ने अपनाया कड़ा रुख

  •     विकास के लिए तैयार हो रहा रोडमैप

भुवनेश्वर। कोटिया सीमा विवाद को लेकर ओडिशा सरकार ने सख्त तेवर अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध प्रवेश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार ने कोटिया के समग्र विकास के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

कोटिया ओडिशा का अभिन्न अंग: राजस्व मंत्री

राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने दो टूक कहा कि कोटिया ओडिशा का अविभाज्य हिस्सा है और रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश लगातार सीमाओं का उल्लंघन कर कोटिया के लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

पुजारी ने आंध्र के रवैये की तुलना “मौसी” से करते हुए कहा कि वह अस्थायी मदद का लालच देती है, जबकि ओडिशा “मां” की तरह दीर्घकालीन कल्याण और स्थायी विकास सुनिश्चित करता है।

पूर्णकालिक अधिकारी की तैनाती, विकास कार्य तेज

राजस्व मंत्री ने बताया कि कोटिया के विकास की पूरी जिम्मेदारी एक पूर्णकालिक अधिकारी को सौंपी गई है। क्षेत्र में पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, ताकि स्थानीय लोगों को स्थायी लाभ मिल सके।

कोटिया ओडिशा का था, है और रहेगा – हरिचंदन

कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने भी सरकार के रुख को दोहराते हुए कहा कि कोटिया ओडिशा का था, है और हमेशा ओडिशा का हिस्सा रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के अधिकारी बिना अधिकार विवाद पैदा कर रहे हैं और ओडिशा सरकार किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप के आगे नहीं झुकेगी।

पिछली सरकारों की अनदेखी से बढ़ा विवाद: शिक्षा मंत्री

स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने कोटिया विवाद के लिए पिछली सरकारों की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि समय पर ध्यान न दिए जाने के कारण हालात बिगड़े, लेकिन मौजूदा सरकार कोटिया के लोगों का भरोसा मजबूत करने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।

टकराव के बाद सख्त बयान, विकास पर फोकस

मंत्रियों के ये तीखे बयान कोटिया में आंध्र प्रदेश के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के बीच हालिया टकराव के बाद सामने आए हैं। आरोप है कि आंध्र प्रदेश कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक दखल के जरिए ग्रामीणों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं ओडिशा सरकार 30 गांवों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत सबस्टेशन सहित कई विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

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