भुवनेश्वर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बजट सत्र के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद में दिए गए अभिभाषण की सराहना करते हुए कहा कि यह संबोधन देश की विकास यात्रा को नई दृष्टि और दृढ़ विश्वास प्रदान करने वाला रहा।
सोशल मीडिया पर प्रधान ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ राष्ट्रपति ने अमृतकाल में भारत की उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को प्रभावशाली ढंग से देशवासियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में, जब भारत ‘वंदे मातरम्’ के 150 गौरवशाली वर्षों का उत्सव मना रहा है, यह कालखंड राष्ट्रीय चेतना और आत्मविश्वास को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभाव से वर्ष 2014 में जहां लगभग 25 करोड़ लाभार्थी थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर करीब 95 करोड़ नागरिकों तक पहुंच गई है।
धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रपति का यह दूरदर्शी और प्रेरक संबोधन देश को वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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