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कृषि को एक सशक्त एग्री-इंडस्ट्री आंदोलन में बदलने का आह्वान

  •     राज्यपाल ने युवाओं को नेतृत्व जिम्मेदारी लेने को कहा

  •     कृषि ओडिशा-2026 का समापन

भुवनेश्वर। ओडिशा के राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपाटी ने शनिवार को राज्य के युवाओं से कृषि को एक सशक्त एग्री-इंडस्ट्री आंदोलन में बदलने का नेतृत्व करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि अब पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि तकनीक, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, विपणन और निर्यात जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

राज्यपाल बीजू पटनायक खेल मैदान, बरमुंडा में आयोजित कृषि ओडिशा-2026 के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एग्री-इंडस्ट्री एकीकरण के माध्यम से कृषि को भविष्य के लिए तैयार और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

कटाई के बाद प्रबंधन और मूल्य संवर्धन पर जोर

डॉ कंभमपाटी ने पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट, मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण में मौजूद अवसरों को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे फसल नुकसान में कमी, किसानों की आय में वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन,  खाद्य प्रणाली को मजबूती मिल सकती है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कृषि उद्यमिता योजना जैसी पहलें युवाओं को इन क्षेत्रों में आगे आने का अवसर देती हैं।

राज्यपाल ने कहा कि नवाचार और ऊर्जा के साथ युवा कृषि को एक लाभकारी क्षेत्र में बदल सकते हैं।

 कृषि को बताया भारत की रीढ़

राज्यपाल ने कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग की आयोजन के लिए सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम संवाद, नवाचार और सहयोग का सशक्त मंच बना। उन्होंने कृषि को भारत की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह देश की आधी से अधिक आबादी का सहारा है, ग्रामीण जीवन को संजीवनी देती है और उद्योगों को मजबूती प्रदान करती है।

ओडिशा के किसानों की भूमिका की सराहना

डॉ कंभमपाटी ने ओडिशा के तटीय मैदानों और पहाड़ी क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों की प्रशंसा करते हुए उन्हें धरती और प्रकृति के संरक्षक बताया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, मृदा क्षरण और प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए जलवायु-सहिष्णु और विविधीकृत खेती प्रणालियों को अपनाने पर बल दिया।

सरकारी योजनाओं की प्रशंसा

राज्यपाल ने कई सरकारी पहलों की सराहना की, जिनमें डिजिटल किसान पंजीकरण, आय सहायता योजनाएं,  जैविक और मिलेट खेती का प्रोत्साहन, बागवानी विकास, कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं,  निर्यात प्रोत्साहन शामिल हैं। उन्होंने कृषि को अधिक उत्पादक, समावेशी और लाभकारी बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया और इसे ओडिशा व भारत के लिए गौरव, समृद्धि और प्रगति का स्रोत बताया।

समारोह में उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव और मत्स्य, पशु संसाधन विकास एवं एमएसएमई मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद कुमार पाढ़ी ने स्वागत भाषण दिया, जबकि बागवानी निदेशक कालुंगे गोरख वामन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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