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निष्कासित नेता मोहम्मद मुकीम के समर्थन में 41 कार्यकर्ताओं का सामूहिक इस्तीफा
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इस्तीफा देने वालों में कई वरिष्ठ चेहरे शामिल
भुवनेश्वर। ओडिशा कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी से निष्कासित वरिष्ठ नेता मोहम्मद मुकीम के समर्थन में 41 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शनिवार को सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम से प्रदेश कांग्रेस में आंतरिक कलह और असंतोष खुलकर सामने आ गया है।
पार्टी छोड़ने वालों में एक पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) सचिव, एक पूर्व पार्टी प्रवक्ता, कई पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, महिला कांग्रेस की एक सचिव तथा युवा और छात्र संगठनों से जुड़े नेता शामिल हैं।
इन सभी ने ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अपने इस्तीफे सौंपे।
प्रदेश नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
इस्तीफा देने वाले नेताओं ने अपने पत्र में ओपीसीसी नेतृत्व को अप्रभावी और दिशाहीन करार दिया। उनका आरोप है कि मौजूदा नेतृत्व न तो जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत कर पाया और न ही ओडिशा के लिए कोई स्पष्ट राजनीतिक रोडमैप दे सका।
मुकीम के निष्कासन से भड़का असंतोष
यह सामूहिक इस्तीफा वरिष्ठ नेता मोहम्मद मुकीम के कांग्रेस से निष्कासन के बाद सामने आया है। इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि मुकीम को पार्टी से निकालने का फैसला मनमाना था और इससे राज्य नेतृत्व तथा जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी उजागर होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा बार-बार उठाई गई चिंताओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, जिससे संगठन में निराशा और हताशा फैल गई।
जमीनी स्तर पर पार्टी कमजोर होने का दावा
इस्तीफा देने वाले नेताओं का कहना है कि वर्तमान नेतृत्व के रहते कांग्रेस ओडिशा में न तो संगठनात्मक रूप से मजबूत हो पाई और न ही जनता के बीच भरोसा कायम कर सकी। उनका दावा है कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल लगातार गिरता गया।
कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
इस पूरे घटनाक्रम पर खबर लिखे जाने तक कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस सामूहिक इस्तीफ़े को कांग्रेस के लिए गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
नई पार्टी के संकेत पहले ही दे चुके हैं मुकीम
उल्लेखनीय है कि कटक-बारबाटी से पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं कि मार्च के अंत तक एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया जाएगा। ऐसे में कांग्रेस से नेताओं का यह पलायन प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव के संकेत दे रहा है।
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