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अरविंद महापात्र के निलंबन से बीजद में उबाल

  •     शंख भवन के बाहर प्रदर्शन, नवीन निवास की सुरक्षा बढ़ी

  •     निलंबन को बताया साजिश

  •     अरविंद महापात्र ने आरोपों को खारिज कर नवीन पटनायक से मांगी पारदर्शिता

भुवनेश्वर। ओडिशा की राजनीति में उस वक्त तनाव और गहरा गया, जब पाटकुड़ा से निलंबित विधायक अरविंद महापात्र के समर्थन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बीजू जनता दल (बीजद) के प्रदेश मुख्यालय शंख भवन के बाहर प्रदर्शन पर उतर आए। पाटकुड़ा से सैकड़ों समर्थक बसों के जरिए भुवनेश्वर पहुंचे और निलंबन आदेश के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महापात्र की बहाली की मांग की।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बीजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अरविंद महापात्र को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया था। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि अरविंद महापात्र और उनके पिता विजय महापात्र पाटकुड़ा में समानांतर संगठन चला रहे थे और 2024 लोकसभा चुनाव में केंद्रापड़ा से पार्टी प्रत्याशी अंशुमान मोहंती की हार की साजिश रची गई। इसके अलावा पार्टी चिह्न के दुरुपयोग, जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने और भ्रष्टाचार जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।

हालांकि अरविंद महापात्र ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने नवीन पटनायक को खुले मंच पर बहस की चुनौती दी और कहा कि उनके निलंबन के पीछे गहरी साजिश है।

इस बीच, खुफिया इनपुट के बाद भुवनेश्वर पुलिस ने बीजद सुप्रीमो के आवास नवीन निवास की सुरक्षा कड़ी कर दी है। आशंका जताई गई थी कि महापात्र के समर्थक प्रदर्शन करते हुए नवीन निवास की ओर कूच कर सकते हैं। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल और होमगार्ड्स की तैनाती की गई है। हालांकि पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की पुष्टि की गई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजद नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए

निलंबन के बाद अरविंद महापात्र ने भुवनेश्वर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजद नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ आरोप बार-बार बदले जा रहे हैं। पहले पार्टी विरोधी गतिविधियां, फिर भ्रष्टाचार, फिर विश्वासघात, इसके बाद लोकसभा चुनाव में हार की साजिश और अब कहा जा रहा है कि मैं पाटकरा के लोगों को परेशान कर रहा हूं। उन्होंने पूछा कि आखिर इनमें से अंतिम आरोप कौन-सा है?

महापात्र ने कहा कि उन्होंने कई बार नवीन पटनायक से विधानसभा और उनके आवास पर मुलाकात की, लेकिन कभी भी उनसे इस तरह की किसी शिकायत का जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि नवीन पटनायक को यह जानकारी कौन दे रहा है, जिसके आधार पर बिना कारण बताओ नोटिस दिए इतना बड़ा फैसला लिया गया।

विधायक निधि का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ

भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने दावा किया कि विधायक निधि का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है और उन्होंने पाटकरा में विकास कार्यों से “पीसी संस्कृति” खत्म की है। उन्होंने खुली जांच और चर्चा की मांग करते हुए खुद को निर्दोष बताया। राज्यसभा सीट को लेकर अपने पिता के नाम को आगे बढ़ाने के आरोप को भी उन्होंने झूठा करार दिया।

अंशुमान की हार ज्यादा वोटों का नुकसान महाकालपाड़ा में

लोकसभा चुनाव में अंशुमान मोहंती की हार के आरोप पर महापात्र ने कहा कि सबसे ज्यादा वोटों का नुकसान महाकालपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में हुआ, न कि पाटकुड़ा में। उन्होंने सवाल उठाया कि वास्तव में पार्टी विरोधी कौन है।

बीजद में बढ़ती असहजता

अरविंद महापात्र का निलंबन और उसके बाद हुआ खुला विरोध बीजद के भीतर अंदरूनी असंतोष को उजागर करता है। राजनीतिक गलियारों में इसे पार्टी अनुशासन और नेतृत्व नियंत्रण की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद ओडिशा की राजनीति में और तीखा रूप ले सकता है।

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