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ससुर ने पेट्रोल डालकर लगाई आग
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नवजात बच्ची के साथ बाल-बाल बची महिला
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दिल दहला देने वाली घटना में घरेलू सामान जलकर राख
केंद्रापड़ा। केंद्रापड़ा जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक भयावह घटना सामने आई है। पट्टामुंडेई ग्रामीण थाना क्षेत्र के डामरपुर गांव में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी बहू को सिर्फ इसलिए जिंदा जलाने की कोशिश की, क्योंकि उसने एक बच्ची को जन्म दिया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता की पहचान सस्मिता दास के रूप में हुई है। घटना के समय सस्मिता अपने नवजात शिशु के साथ घर में सो रही थी। आरोप है कि उसके ससुर पास के बाजार से पेट्रोल लेकर आए और सोती हुई बहू के बिस्तर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। उनका इरादा सस्मिता और उसकी नवजात बेटी दोनों को जिंदा जलाने का था।
पूरी रात घर के बाहर ही बिताई
आग तेजी से फैल गई, लेकिन सस्मिता अपनी बेटी के साथ किसी तरह जान बचाने में सफल रही। आग की लपटें उठते देख सस्मिता घर से बाहर भागी और पूरी रात घर के बाहर ही बिताई, ताकि अपनी और अपनी बेटी की जान बचा सके। इस घटना में घर के भीतर रखा सारा सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
आठ साल पहले हुई थी शादी
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी आठ साल पहले सुशांत राय से हुई थी। बच्ची के जन्म के बाद से ही उसे पति, ससुर और सास द्वारा लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि उस पर बेटी को जन्म न देने का दबाव बनाया जा रहा था और इसी कारण उसके साथ क्रूर व्यवहार किया जाता था।
पहले से ही हैं दो बेटियां
उसने आरोप लगाया कि हमारी पहले से ही दो बेटियां हैं और तीसरी बेटी के जन्म के बाद उत्पीड़न और बढ़ गया। वे मुझे जान से मारने की कोशिश कर रहे थे। मेरी सास ने मेरी मां के सामने लाइटर से मुझे ज़िंदा जलाने की भी कोशिश की।
तीसरी बेटी जन्म देने पर दो महीना अस्पताल में छोड़ा
उसने आगे आरोप लगाया कि बेटी को जन्म देने के बाद उसे करीब दो महीने तक अस्पताल में छोड़ दिया गया था। वे तब से मेरी मौत की कामना कर रहे थे। उसने दावा किया कि मेरे पति और ससुर भी अक्सर मुझे पीटते थे। उन्होंने मुझे गालियां भी दीं।
मामला दर्ज, पुलिस जांच शुरू
सस्मिता अपने मायके लौट आई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिन्होंने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की पूरी जांच कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की शिकायत और एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अजीब समय सोने पर पिता ने गद्दे में आग लगाई – पति
लड़की होने की वजह से भेदभाव के आरोप को खारिज करते हुए, उसके पति सुशांत ने कहा कि उसके पिता ने गद्दे में आग लगा दी क्योंकि उसे अजीब समय पर सो जाने की आदत थी। उसके ससुर ने आगे बताया कि वह अक्सर शाम 6 बजे ही सो जाती थी और कमरे के दरवाज़े पर बार-बार खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं देती थी।
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