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सरकार ने प्रवेश और परीक्षा शुल्क पूरी तरह माफ किया
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ओपन स्कूलिंग में नामांकन को मिलेगा प्रोत्साहन
भुवनेश्वर। शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने की दिशा में ओडिशा सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के स्कूल छोड़ चुके और विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों के लिए प्रवेश शुल्क के साथ-साथ परीक्षा शुल्क भी पूरी तरह माफ करने का निर्णय लिया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह सुविधा राज्य मुक्त विद्यालय संस्थान में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होगी। इसका उद्देश्य उन बच्चों और किशोरों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।
स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने जारी की अधिसूचना
इस निर्णय को लागू करने के लिए स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। विभाग का मानना है कि शुल्क माफी से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
ड्रॉपआउट की बढ़ती समस्या पर सरकार चिंतित
राज्य में स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को लेकर सरकार गंभीर है। हाल ही में स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। यदि कोई छात्र एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो उसकी जानकारी घर-घर जाकर जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
घर जाकर होगी छात्रों की स्थिति की समीक्षा
जिला और प्रखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रधानाध्यापक, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य ऐसे विद्यार्थियों के घर जाएं। इसका मकसद लंबी अनुपस्थिति के कारणों को समझना और समय रहते सुधारात्मक कदम उठाकर स्थायी ड्रॉपआउट को रोकना है।
कैग रिपोर्ट ने उजागर की गंभीर स्थिति
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच ओडिशा में कक्षा दूसरी से कक्षा बारहवीं तक ड्रॉपआउट दर 3.12 प्रतिशत से 7.26 प्रतिशत के बीच रही। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बीते पांच वर्षों में 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 61 हजार से अधिक बच्चों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली में वापस नहीं लाया जा सका।
शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवेश और परीक्षा शुल्क माफी का यह फैसला राज्य में ड्रॉपआउट दर कम करने और ‘सबके लिए शिक्षा’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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