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समय पर परियोजनाएं, ऑनलाइन फाइलें और सरकारी कामकाज में ओड़िया भाषा पर जोर
भुवनेश्वर। राज्य के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार के लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा सभी विभागों को दिए गए 15 सूत्री निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह ने की, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रधान सचिव ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में ओड़िया भाषा का अनिवार्य प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। सभी प्रकार की सरकारी पत्राचार, आदेश और संचार ओड़िया भाषा में ही किए जाएं, ताकि राज्य की भाषा और संस्कृति को प्रशासनिक स्तर पर मजबूती मिले।
रोजगार सृजन पर विशेष फोकस
बैठक में राज्य सरकार की रोजगार सृजन नीति पर भी जोर दिया गया। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए और पात्र अधिकारियों को बिना देरी के पदोन्नति दी जाए। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन की कमी से विकास कार्यों की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
फाइलों का पूर्ण डिजिटलीकरण, पारदर्शिता पर जोर
तकनीकी युग की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए संजय कुमार सिंह ने कहा कि पारंपरिक फाइल प्रणाली के कारण कार्यों में अनावश्यक देरी होती है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सरकारी कार्य और फाइलों की आवाजाही को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए। इसके लिए ओएसडब्ल्यूएएस प्रणाली समेत सभी डिजिटल प्लेटफार्मों के प्रभावी उपयोग पर बल दिया गया, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हो सके।
महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में राज्य की कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें भुवनेश्वर में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित 37 सड़क विकास परियोजनाएं, जिनमें जयदेव विहार–नंदनकानन मार्ग शामिल है, प्रमुख रहीं। इसके अलावा कोरापुट-जयपुर, ब्रह्मपुर-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, नमो एक्सप्रेसवे, अटल एक्सप्रेसवे तथा विभिन्न पाइपलाइन परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृति में तेजी के निर्देश
परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण, वन भूमि की मंजूरी और उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण जैसी समस्याओं को प्रमुख बाधा बताया। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि इन चुनौतियों का समयबद्ध समाधान निकालते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय बैठक में इंजीनियर-इन-चीफ-सह-विशेष सचिव एलके पाढ़ी, अतिरिक्त सचिव दीपक रंजन दास और प्रदीप साहू, ईआईसी ध्यान चंद नायक, मुख्य अभियंता (भवन) प्रियव्रत सामंतराय, मुख्य अभियंता (एनएच-1) नारायण पटेल, मुख्य अभियंता (एनएच-2) दीपक पाणिग्राही, मुख्य अभियंता (पुल) अरविंद त्रिपाठी, संयुक्त सचिव दिप्तिरंजन बेहरा, वित्तीय सलाहकार रत्निकांत मोहापात्र सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री के 15 सूत्री एजेंडे को धरातल पर उतारने के लिए लोक निर्माण विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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