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राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में ओडिशा की गिरावट पर सियासी घमासान

  •     एमएसएमई मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने पिछली सरकार को ठहराया जिम्मेदार

भुवनेश्वर। राष्ट्रीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की ताजा रैंकिंग में ओडिशा की स्थिति में आई गिरावट को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ओडिशा के एमएसएमई मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने साफ तौर पर इसकी जिम्मेदारी पिछली सरकार पर डाली है। मंत्री का कहना है कि जिस अवधि के आंकड़ों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है, उस दौरान वर्तमान सरकार का योगदान बेहद सीमित रहा है।

रिपोर्ट की अवधि और जिम्मेदारी का सवाल

गोकुलानंद मल्लिक ने बताया कि यह रिपोर्ट 1 जनवरी 2023 से 30 नवंबर 2024 तक की अवधि पर आधारित है, जबकि भाजपा सरकार ने 12 जून 2024 को सत्ता संभाली। ऐसे में रिपोर्ट की अवधि में वर्तमान सरकार को महज छह महीने ही मिले हैं। मंत्री ने सवाल उठाया कि इतनी कम अवधि में किसी भी सरकार के लिए रैंकिंग में गिरावट का जिम्मेदार ठहराया जाना कितना उचित है।

भाजपा सरकार के कार्यकाल में 2,550 नए स्टार्टअप

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में 2,550 नए स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव तक युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए सुविधाएं और अवसर उपलब्ध करा रही है, ताकि नवाचार को बढ़ावा मिले और रोजगार के नए रास्ते खुलें।

ग्रामीण युवाओं पर विशेष फोकस

एमएसएमई मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का विशेष ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं पर है। उद्यमिता आधारित योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे स्थानीय स्तर पर नवाचार कर सकें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

स्टार्टअप्स की जमीनी हकीकत: बैंक सहयोग की कमी

हालांकि, जमीनी स्तर पर स्टार्टअप्स की स्थिति कुछ और ही कहानी बयां करती है। एक पंजीकृत स्टार्टअप से जुड़े उद्यमी ने बताया कि ओडिशा में स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स को बैंकों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही, कई स्टार्टअप्स को राज्य की स्टार्टअप नीतियों के तहत भी प्रभावी सहायता नहीं मिल सकी है। उद्यमी का कहना है कि संभावनाओं से भरपूर होने के बावजूद, वित्तीय सहयोग और नीति समर्थन की कमी के कारण ओडिशा के कई पंजीकृत स्टार्टअप अपने तय लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पा रहे हैं।

आगे सुधार और रैंकिंग में वापसी का भरोसा

मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने दोहराया कि स्टार्टअप रैंकिंग में आई गिरावट के लिए पिछली सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा सरकार की मौजूदा और आगामी पहलें राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देंगी और आने वाले समय में ओडिशा की स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर फिर से मजबूत होगी।

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