-
राज्य सरकार ने अनुषंगी ईएसएल स्टील को थमाया 1,255 करोड़ से अधिक का डिमांड नोटिस
-
चौथे परिचालन वर्ष की खनन गतिविधियों पर आपत्ति
-
कोर्ट तक पहुंचने वाला है मामला
भुवनेश्वर। खनन उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्यों में कथित कमी को लेकर ओडिशा सरकार और वेदांता लिमिटेड के ठन गई है। मामला कोर्ट तक पहुंचने वाला है। खनन उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्यों में कथित कमी को लेकर राज्य सरकार ने इसकी अनुषंगी कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड को 1,255.38 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस जारी की है। यह नोटिस कोइरा सर्किल के उप निदेशक, खान द्वारा जारी की गई है, जिससे राज्य के खनन क्षेत्र में हलचल मच गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह कथित कमी ईएसएल स्टील के बीआईसीओ और फीग्रेड खनन पट्टों के चौथे परिचालन वर्ष से संबंधित है। ये खनन पट्टे 15 नवंबर 2021 को हुए माइन डेवलपमेंट एंड प्रोडक्शन एग्रीमेंट (एमडीपीए) के तहत संचालित हो रहे हैं। सरकार का आरोप है कि कंपनी ने निर्धारित न्यूनतम उत्पादन और खनिज डिस्पैच लक्ष्यों को पूरा नहीं किया।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
यह मामला खनिज (परमाणु और हाइड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों को छोड़कर) रियायत नियम, 2016 के नियम 12(ए) के उप-नियम 1 के तहत निर्धारित न्यूनतम उत्पादन एवं डिस्पैच लक्ष्यों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं नियमों के आधार पर यह भारी-भरकम डिमांड नोटिस जारी की गई है।
केंदुझर के कोइरा क्षेत्र से जुड़ा मामला
सूत्रों ने बताया कि यह पूरा मामला ओडिशा के खनिज संपदा से भरपूर केंदुझर जिले के कोइरा क्षेत्र में स्थित लौह अयस्क खनन पट्टों से संबंधित है। यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख लौह अयस्क उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है, जहां उत्पादन लक्ष्यों को लेकर सरकार की सख्त निगरानी रहती है।
आरोप टिकाऊ नहीं – वेदांता
इस मामले पर वेदांता द्वारा 18 जनवरी को एक रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, ईएसएल डिमांड नोटिस और संबंधित गणना का मूल्यांकन कर रही है और उसका मानना है कि ये मेरिट के आधार पर सही नहीं हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह इन नोटिसों के खिलाफ उचित कानूनी उपाय अपनाएगी और डिमांड नोटिस पर स्थगन सहित आवश्यक राहत की मांग करेगी।
कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ता मामला
ईएसएल स्टील ने यह भी संकेत दिया है कि वह इन कथित मांगों को रद्द कराने के लिए न्यायिक मंच का दरवाजा खटखटाएगी। ऐसे में यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर कानूनी लड़ाई का रूप लेता नजर आ रहा है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
