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कई डेवलपर्स पर अवैध कब्जे का आरोप
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शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर समेत विभिन्न इलाकों में भूमाफिया और कुछ रीयल एस्टेट डेवलपर्स की मनमानी से आम जनता बुरी तरह परेशान है। आरोप है कि कई जगहों पर जबरन जमीन पर कब्जा कर लिया गया है और जमीन के वास्तविक मालिकों की बार-बार शिकायतों के बावजूद कब्जा खाली नहीं किया जा रहा है।
विकास के लिए चयनित इलाकों पर नजर
सरकार द्वारा विकास के लिए चयनित इलाकों पर अब भूमाफियाओं की नजर टिक गई है। जैसे ही किसी क्षेत्र के विकास की घोषणा होती है, वैसे ही वहां जमीन की कीमतें बढ़ने लगती हैं और इसी का फायदा उठाकर भूमाफिया सक्रिय हो जाते हैं। आरोप है कि ये लोग फर्जी दस्तावेजों, दबाव और डर के जरिए अवैध कब्जे कर रहे हैं, जिससे असली जमीन मालिकों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन मालिकों को धमकाया जा रहा है, जबरन समझौते कराने की कोशिश की जाती है और विरोध करने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। इससे न केवल विकास की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ितों की मांग है कि विकास योजनाओं के साथ-साथ भूमाफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जमीन मालिकों के अधिकार सुरक्षित रहें और विकास सही मायनों में जनहितकारी बन सके।
डर और दबाव में जी रहे जमीन मालिक
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमाफिया प्रभाव और दबदबे के बल पर जमीन पर कब्जा कर लेते हैं। जब जमीन मालिक विरोध करते हैं तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। कई मामलों में पीड़ित परिवार वर्षों से अपनी ही जमीन वापस पाने के लिए कार्यालयों और थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
प्रशासन को दी गईं कई शिकायतें
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग में कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ मामलों में जांच शुरू तो हुई, लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला आगे नहीं बढ़ पाया।
डेवलपर्स पर नियमों की अनदेखी का आरोप
आरोप है कि कुछ डेवलपर्स बिना वैध दस्तावेजों के ऐसी जमीन पर चाहरदीवारी करके कब्जा कर लेते हैं और बाद में उसे खाली करने से मना करने लगते हैं। इससे न केवल जमीन मालिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
न्याय की मांग, सख्त कार्रवाई की अपेक्षा
पीड़ितों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि भूमाफिया और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कठोर कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक आम जनता को इस समस्या से राहत नहीं मिल पाएगी।
नई सरकार से उम्मीद बढ़ीं
लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की सरकार इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेकर भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाएगी और जमीन मालिकों को उनका हक दिलाएगी। आम जनता का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
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