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कटक से सकुशल बरामद
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पुलिस कार्रवाई के बाद भद्रक के बयाबानापुर गांव का मामला उजागर
भद्रक। ओडिशा के भद्रक जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कर्ज चुकाने के लिए माता-पिता ने अपनी एक माह की मासूम बेटी को 20 हजार रुपये में बेच दिया। पुलिस ने बच्ची को कटक के राजाबागीचा इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।
दादी की शिकायत से खुला मामला
यह मामला भद्रक जिले के बयाबनपुर गांव में तब सामने आया, जब बच्ची की दादी ने अपने ही बेटे और बहू के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दादी ने आरोप लगाया कि उन्होंने बच्ची को बेच दिया है।
कटक में छापा, बच्ची बरामद
शिकायत के आधार पर भंडारीपोखरी थाना प्रभारी राजलक्ष्मी नायक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कटक के राजाबागीचा क्षेत्र में छापा मारा और वहां से एक माह की बच्ची को बरामद किया। पुलिस ने बच्ची को तत्काल भद्रक जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार किया जा रहा था।
बाल कल्याण समिति लेगी आगे का फैसला
पुलिस के अनुसार बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति यह तय करेगी कि बच्ची को परिवार के किसी सदस्य के पास रखा जाए या फिर उसे वैकल्पिक देखभाल व्यवस्था में भेजा जाए।
कर्ज के बोझ में लिया गया खौफनाक फैसला
जांच में सामने आया है कि बच्ची का पिता बेरोजगार था और उसने गांव के लोगों से हजारों रुपये उधार ले रखे थे। तय समय पर कर्ज न चुका पाने के कारण उस पर लगातार दबाव बन रहा था। इसी दबाव में दंपती ने कथित तौर पर बच्ची को 35 हजार रुपये में बेच दिया।
करीबी रिश्तेदार को सौंपा गया बच्चा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बच्ची को किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं, बल्कि कटक में रहने वाली रिश्ते की बुआ को सौंपा गया था। बताया गया कि उस रिश्तेदार के कोई संतान नहीं थी, इसी वजह से पैसों के बदले बच्ची देने पर सहमति बनी।
इलाज के बहाने ले गए, शाम को खाली हाथ लौटे
दादी ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह माता-पिता बच्ची को इलाज के बहाने घर से लेकर निकले थे। देर शाम वे बिना बच्ची के घर लौटे। जब दादी ने सवाल किया तो उन्होंने गाली-गलौज और धमकी दी। इसके बाद दादी को शक हुआ कि बच्ची को बेच दिया गया है।
पूछताछ में कबूलनामा
पुलिस पूछताछ के दौरान माता-पिता ने बच्ची को बेचने की बात कबूल कर ली। मां ने स्वीकार किया कि चूंकि रिश्तेदार की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने पैसे लेकर बच्ची सौंप दी।
आर्थिक तंगी बनी वजह, लोगों में आक्रोश
पुलिस ने पुष्टि की है कि आर्थिक तंगी और कर्ज का दबाव इस अमानवीय कदम की मुख्य वजह बना। घटना के सामने आने के बाद भद्रक में लोगों में गहरा आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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