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ओडिशा सरकार की पहली उच्चस्तरीय बैठक
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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शून्य त्रुटि आयोजन पर जोर
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लाखों श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर छह माह पहले से शुरू योजना
भुवनेश्वर। विश्वप्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा 2026 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए ओडिशा सरकार ने तैयारियां समय से पहले शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में आज लोक सेवा भवन में रथयात्रा 2026 को लेकर पहली उच्चस्तरीय तैयारी बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव अनु गर्ग ने की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि रथयात्रा में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर अग्रिम और समन्वित योजना बनाई जाए, ताकि आयोजन पूरी तरह “शून्य त्रुटि” के साथ संपन्न हो सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में डीजीपी वाईबी खुरानिया, अग्निशमन सेवा महानिदेशक डॉ सुधांशु षाड़ंगी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, श्री मंदिर मुख्य प्रशासक डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी, पुरी जिलाधिकारी दिब्यज्योति परिडा, पुरी एसपी प्रतीक सिंह सहित विभिन्न विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विभागवार कार्ययोजना के निर्देश
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि रथयात्रा अभी लगभग छह महीने दूर है, इसलिए हर विभाग विस्तृत कार्ययोजना अभी से तैयार करे। उन्होंने कहा कि रथ निर्माण के लिए लकड़ी संग्रह से लेकर अंतिम रथ खींचने तक, हर चरण में विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
16 जुलाई 2026 को संभावित रथयात्रा
बैठक में बताया गया कि रथयात्रा 2026 की संभावित तिथि 16 जुलाई 2026 है, हालांकि अंतिम निर्णय छत्तीस निजोग समिति और अन्य मंदिर परंपरागत संस्थाओं द्वारा परंपरा के अनुसार लिया जाएगा।
रथयात्रा से जुड़े प्रमुख अनुष्ठान
रथयात्रा से पहले होने वाले प्रमुख अनुष्ठानों की समय-सारिणी भी साझा की गई। बसंत पंचमी (23 जनवरी) को लकड़ी पूजा, राम नवमी (27 मार्च) से लकड़ी कटाई, अक्षय तृतीया (20 अप्रैल) से रथ निर्माण आरंभ और 29 जून को स्नान यात्रा प्रस्तावित है।
लकड़ी की उपलब्धता और आपूर्ति पर चर्चा
बैठक में बताया गया कि रथ निर्माण के लिए आवश्यक 865 लकड़ियों में से फिलहाल 47 लकड़ियां उपलब्ध हैं। शेष 818 लकड़ियां नयागढ़ और खुर्दा के जंगलों से लाई जाएंगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि हालिया समन्वय बैठक के बाद समय पर लकड़ी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
भीड़ नियंत्रण से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक विशेष फोकस
बैठक में रथयात्रा के दौरान कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। भीड़ प्रबंधन के तहत बड़दांड पर बड़े एलईडी स्क्रीन लगाने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि श्रद्धालुओं को रथ के पास जाने की जरूरत न पड़े और भीड़ नियंत्रित रहे।
स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल पर जोर
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत अतिरिक्त अस्थायी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, 300 से 400 नए शौचालय और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए। वाटको को 24 घंटे निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बुनियादी ढांचे और सुरक्षा इंतजाम
बैठक में सड़क मरम्मत कार्य अप्रैल तक पूरा करने, सरकारी भवनों में स्थायी शौचालय, और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चमकदार संकेत बोर्ड लगाने पर भी सहमति बनी। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, बेहतर पार्किंग व्यवस्था और रथयात्रा के दौरान समुद्र तट पर बड़े आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने पर चर्चा हुई।
मासिक समीक्षा और समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अब से हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी और सभी विभागों को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। श्री गुंडिचा मंदिर और आसपास चल रहे सभी विकास कार्यों को रथयात्रा से पहले पूरा करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री द्वारा भी आगे चलकर तैयारियों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
अनुभव से सीख लेकर निभाएं जिम्मेदारी: मुख्य सचिव
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने सभी संबंधित विभागों और हितधारकों से अपील की कि वे पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें, ताकि रथयात्रा 2026 सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बन सके।
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