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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का पूर्ण सहयोग का ऐलान
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राज्य सरकार देगी वित्तीय व आधारभूत संरचना का पूरा समर्थन
केंदुझर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंदुझर को बड़ी सांस्कृतिक सौगात देते हुए यहां राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। राज्य सरकार इस केंद्र के लिए पूर्ण वित्तीय सहायता और आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा केंदुझर जिला सभागार में आयोजित अभिनय कार्यशाला के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए की। इस कार्यशाला का संयुक्त आयोजन नृत्य संस्था स्पिरिजा और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा किया गया था।
कला और संस्कृति समाज की आत्मा : मोहन
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि कला और संस्कृति किसी भी समाज की आत्मा होती है, जो सामूहिक विचारों, संघर्षों, आकांक्षाओं और सपनों को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सशक्त माध्यम है, जो शिक्षा देता है, प्रश्न उठाता है, जनजागरूकता फैलाता है और समाज से भावनात्मक जुड़ाव बनाता है।
रंगमंच से विकसित होते हैं मानवीय मूल्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगमंच संवेदनशीलता, अनुशासन, टीम भावना और आत्म-अभिव्यक्ति सिखाता है। उन्होंने भारतीय रंगमंच को सशक्त बनाने और पीढ़ियों से कलाकारों को संवारने में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ऐतिहासिक भूमिका की सराहना की।
केंदुझर की लोक परंपराओं को मिलेगा नया मंच
केंदुझर की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां की लोकसंगीत, लोकनृत्य और कथावाचन परंपराएं अत्यंत समृद्ध हैं। एनएसडी का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित होने से परंपरागत और समकालीन कला रूपों के बीच सेतु बनेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
कलाकारों के सम्मान और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कला और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलाकारों के मानदेय में वृद्धि की गई है, युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे युवा बड़े सपने देखें, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
विकास के साथ विरासत का संरक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र ‘विकास भी, विरासत भी’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रगति के साथ-साथ ओड़िया भाषा, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण और प्रचार करना है।
ओडिशा की समृद्ध नाट्य और नृत्य परंपराएं
मुख्यमंत्री ने ओडिशा की लोक और शास्त्रीय कला परंपराओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने ओडिशी और छऊ नृत्य, जनजातीय सांस्कृतिक परंपराओं तथा गंजाम की भरत लीला, दंड नाट (झामू यात्रा) और मयूरभंज की विश्वप्रसिद्ध छऊ नृत्य शैली को राज्य की सांस्कृतिक पहचान बताया।
इस अवसर पर सांसद अनंत नायक, करंजिया विधायक पद्म चरण हैबुरु, तेलकोई विधायक डॉ फकीर मोहन नायक, केंदुझर जिलाधिकारी विशाल सिंह, एनएसडी के कुलसचिव प्रदीप मोहंती, स्पिरिजा की संस्थापक प्रगतिका मोहंती सहित अनेक गणमान्य अतिथि और कला प्रेमी उपस्थित रहे।
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