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मंत्री गणेश राम सिंखुंटिया ने किया उद्घाटन
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हरित अर्थव्यवस्था में बांस की भूमिका पर मंथन
भुवनेश्वर। ओडिशा के बांस क्षेत्र को हरित अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राष्ट्रीय बांस सम्मेलन 2026 का आयोजन शुक्रवार को पटिया स्थित होटल क्रिस्टल क्राउन में किया गया। वन फ्यूचर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन में नीति निर्धारकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, बांस उद्यमियों और सतत डिजाइन विशेषज्ञों सहित 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
वन एवं पर्यावरण मंत्री ने किया सम्मेलन का उद्घाटन
सम्मेलन का उद्घाटन वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंखुंटिया ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक बैठक नहीं, बल्कि ओडिशा के बांस उद्योग को एक सशक्त दिशा देने का सामूहिक प्रयास है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच पर हुए ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और बांस आधारित आजीविका के अवसर सृजित होंगे।
बांस उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए वेबसाइट शुरू
स्थानीय कारीगरों को डिजिटल मंच से जोड़ने की दिशा में एक अहम घोषणा करते हुए मंत्री सिंखुंटिया ने वेबसाइट को सक्रिय किए जाने की जानकारी दी। इस पोर्टल के माध्यम से अब ओडिशा में बने बांस उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री संभव होगी, जिससे कारीगरों को सीधे बाजार तक पहुंच मिलेगी।
बांस के विविध उपयोगों और नीति ढांचे पर चर्चा
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बांस के दैनिक जीवन में उपयोग, इसके पर्यावरणीय लाभ और वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों में इसकी भूमिका को रेखांकित करना रहा। तकनीकी सत्रों में सरकारी नीतियों, इंजीनियर्ड बांस तकनीक, तथा आपूर्ति एवं मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।
नेटवर्किंग और सहयोग को मिला बढ़ावा
यह सम्मेलन विभिन्न हितधारकों के लिए नेटवर्किंग और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ। बांस क्षेत्र से जुड़े संगठनों, उद्यमियों और विशेषज्ञों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि एक मजबूत और टिकाऊ बांस पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सके।
कई विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में वन फ्यूचर फाउंडेशन के सलाहकार गुरु प्रसाद मिश्र, सम्मेलन के मुख्य समन्वयक शारदा प्रसाद पंडा, तथा विश्व बांस राजदूत और सतत डिजाइन विशेषज्ञ डॉ रेबेका रूबेंस सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
इसके अलावा ओडिशा बांस विकास एजेंसी के परियोजना निदेशक कार्तिक वी और भारतीयम् ट्रस्ट के सुधाकर पाही, जो इस सम्मेलन के सह-आयोजक भी थे, ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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