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बोले- जन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए
भुवनेश्वर। ओडिशा में जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकियों को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बेहद गंभीरता से लिया है। संबलपुर, कटक और देवगढ़ की अदालतों को मिले ई-मेल के जरिए बम धमकियों के बाद मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक कर पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जनता की सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने धमकियों की प्रामाणिकता की जांच, दोषियों की पहचान और स्थिति पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्वयं प्रभावित जिलों में जाकर हालात का जायजा लेना चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि इन धमकियों के पीछे कोई साजिश है या सिर्फ अफवाह फैलाने की कोशिश। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समग्र जांच जरूरी है और दोषियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि वे स्वयं इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि ओडिशा में कानून-व्यवस्था और आम जनता की सुरक्षा से किसी भी हाल में समझौता न हो।
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