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सोनिया गांधी को पत्र लिखकर भक्त दास की नियुक्ति पर उठाए सवाल
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पार्टी में गहराया असंतोष
भुवनेश्वर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद मुकीम ने ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष भक्त दास के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए पार्टी के भीतर नई हलचल पैदा कर दी है। सोनिया गांधी को लिखे विस्तृत पत्र में मुकीम ने दास की नियुक्ति पर गहरी नाराज़गी जताई और राष्ट्रीय नेतृत्व से इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।
मुकीम ने अपने पत्र में लिखा कि भक्त दास की व्यक्तिगत विचारधारा कांग्रेस की मूल विचारधारा से पूरी तरह भिन्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि जयप्रकाश आंदोलन के दौरान दास ने गांधी परिवार की खुले मंच से आलोचना की थी।
दास एवं उनके पुत्र ने कोशल आंदोलन को समर्थन दिया
उन्होंने यह भी चिंता व्यक्त की कि दास एवं उनके पुत्र ने कोशल आंदोलन को समर्थन दिया, जो कांग्रेस की नीति के अनुरूप नहीं है।
चुनावी पराजयों का हवाला, नेतृत्व पर अविश्वास
मुकीम ने कहा कि 2025 में लगातार तीन लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद दास को पीसीसी अध्यक्ष बनाया गया, जो कार्यकर्ताओं के मन में भ्रम पैदा करता है।
उन्होंने विशेष रूप से नुआपड़ा उपचुनाव का उदाहरण दिया, जहां कांग्रेस को 83,000 वोटों से करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि यह क्षेत्र दास के ही संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
मुकीम ने लिखा कि अगर उनकी अपनी लोकसभा सीट के लोग उन पर भरोसा नहीं करते, तो कार्यकर्ताओं से विश्वास की अपेक्षा कैसे की जा सकती है? ओडिशा कांग्रेस को उनके नेतृत्व में आगे बढ़ाना लगभग असंभव है।
भावनात्मक संदेश – कांग्रेस परिवार की परंपरा से जुड़ा हूं
पत्र में मुकीम ने कांग्रेस नेतृत्व से अपनी भावनात्मक जुड़ाव का भी उल्लेख किया।
उन्होंने लिखा कि उनका परिवार पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा है। मेरे परदादा स्वतंत्रता सेनानी थे। मेरा परिवार और मैं पूरी तरह कांग्रेस के लिए समर्पित रहे हैं। सोनिया गांधी के त्याग और नेतृत्व ने कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाया। लेकिन पिछले तीन चुनावों में हमारा प्रदर्शन अत्यंत निराशाजनक रहा। दिल्ली, आंध्र प्रदेश और हरियाणा में शून्य सीटें मिलना पार्टी प्रबंधन की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
संगठन की मजबूती का पाठ पढ़ाया
मुकीम ने राहुल गांधी के ओडिशा दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि वे जमीनी कार्यकर्ताओं से मिलते, तो पार्टी का मनोबल बढ़ सकता था। संगठन तब मजबूत होता है, जब शीर्ष नेतृत्व बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद करे।
पूर्व पीसीसी अध्यक्ष सरत पटनायक पर भी सवाल
पत्र में मुकीम ने पूर्व पीसीसी अध्यक्ष सरत पटनायक की नियुक्ति पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार छह लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद 2023 में उन्हें अध्यक्ष बनाया गया। साल 2024 में कांग्रेस का वोट शेयर गिरकर 13% के ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर चला गया, और पटनायक अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।
युवाओं को नेतृत्व देने और पारदर्शिता की मांग
मुकीम ने कहा कि ओडिशा में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए पारदर्शी व मेरिट-आधारित नियुक्तियां अनिवार्य हैं। उन्होंने युवा नेताओं को आगे लाने और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की ज़रूरत पर जोर दिया। इधर, मुकीम के आरोपों और सुझावों पर अब तक भक्त दास या सरत पटनायक की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ओडिशा कांग्रेस में यह विवाद आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति और नेतृत्व संरचना पर बड़ा असर डाल सकता है।
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