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भुवनेश्वर साइबर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
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खुद को पुलिस अधिकारी बताकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर से वसूले थे 7 लाख
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आठवीं पास होकर भी रचा हाई-टेक जाल
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर साइबर पुलिस ने शनिवार को एक बड़े साइबर ठगी मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुजरात निवासी एक मजदूर को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर शहर के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से 7 लाख रुपये वसूले। इस पूरे मामले को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुजरात निवासी विशाल रमेश के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि वह केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और दिहाड़ी मजदूरी करता था। इसके बावजूद उसने तकनीकी जानकारी हासिल कर इस तरह का साहसिक साइबर जाल रचा।
ऐसे किया शिकार
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित को फोन कर बताया कि उसके नाम से भेजे गए पार्सल में नशीले पदार्थ मिले हैं। इसके बाद उसने पुलिस वर्दी पहनकर स्काइप वीडियो कॉल किया और इंजीनियर को धमकाया कि वह कमरे से बाहर न निकले। इस प्रक्रिया को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है। वीडियो कॉल के दौरान उसने पीड़ित से बैंक और निजी जानकारी ले ली। चूंकि खाते में पर्याप्त पैसे नहीं थे, आरोपी ने पीड़ित को ऑनलाइन लोन लेने के लिए मजबूर किया। जैसे ही लोन की राशि खाते में आई, आरोपी ने 6.94 लाख रुपये निकाल लिये।
आरोपी के खाते से 2 लाख रुपये फ्रीज
शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस की टीम गुजरात पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी के खाते से 2 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी पर देशभर में 25 से ज्यादा साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस की अपील
भुवनेश्वर डीसीपी जगमोहन मीना ने बताया कि यह मामला साइबर अपराधियों की नई चालों को उजागर करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। फिलहाल पुलिस आरोपी के अन्य साथियों और संभावित पीड़ितों की तलाश कर रही है।
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