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शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री मोहन माझी ने की घोषणा
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देश में शिशु वाटिका शुरू करने वाला ओडिशा पहला राज्य
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को बीजद सरकार की 5-टी योजना पर हमला बोलते हुए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘गोदावरीश मिश्रा आदर्श विद्यालय योजना’ के तहत 12 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान लेकर आई है। इस योजना का उद्देश्य राज्यभर में सर्वोत्तम बुनियादी ढांचे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि ओडिशा का कोई भी प्रतिभावान बच्चा अवसर से वंचित न रहे। हम चाहते हैं कि गरीब से गरीब बच्चा भी उत्कृष्ट शिक्षा पाए और उसका भविष्य उज्ज्वल हो।
शिशु वाटिका: प्री-स्कूलिंग की नई पहल
मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि ओडिशा देश का पहला राज्य है जहां सरकारी स्तर पर शिशु वाटिका (प्री-स्कूलिंग) की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके अंतर्गत छोटे बच्चों के लिए बौद्धिक और नैतिक शिक्षा का प्रारंभिक आधार तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा की नींव बचपन में रखी जाती है। शिशु वाटिका के ज़रिए हम मूल्य आधारित और व्यवहारिक शिक्षा की शुरुआत कर रहे हैं, ताकि बच्चों का समग्र विकास हो।
शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई शिक्षा योजना के अंतर्गत शिक्षकों को भी अत्याधुनिक शैक्षणिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छा शिक्षक ही अच्छे समाज की नींव रखता है और सरकार इसके लिए विशेष बजट और संरचना विकसित कर रही है।
5-टी में सिर्फ रंग-रोगन और घोटाले हुए
मुख्यमंत्री माझी ने पूर्व बीजद सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 5-टी के नाम पर केवल स्कूलों की दीवारें रंगी गईं, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ज़रूरतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि 5-टी के नाम पर सिर्फ दिखावटी काम हुए। न तकनीक का सही उपयोग हुआ, न ही बच्चों को बुनियादी सुविधाएं मिलीं। यह योजना केवल प्रचार का स्टंट बनकर रह गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजद सरकार शिक्षा की नींव मजबूत करने में असफल रही, जिससे लाखों बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ।
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